स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए सहयोग करें 🙏 • आज की ताज़ा बड़ी खबरें लगातार अपडेट हो रही हैं • राजस्थान और राष्ट्रीय समाचार उपलब्ध हैं . सनातन धर्म से जुड़ी हर खबर पर नजर रखता है सनातनी संत रिपोर्टर

बयाना। बयाना के RIICO औद्योगिक क्षेत्र में संचालित स्टोन इकाइयों में कथित रूप से मशीनों की केबल, बिजली की वायरिंग और अन्य उपकरण चोरी होने की घटनाओं से व्यापारियों में चिंता और आक्रोश बढ़ रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि पिछले करीब एक महीने से क्षेत्र में चोर सक्रिय हैं और रात के समय औद्योगिक इकाइयों को निशाना बना रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से उद्योगों का कामकाज प्रभावित होने के साथ ही व्यापारियों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

सोमवार को क्षेत्र के कई व्यापारी और श्रमिक एकत्रित हुए तथा हाथ उठाकर चोरी की घटनाओं के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और चोरी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

रात में मशीनें बंद करने के बाद हो रही घटनाएं

व्यापारियों के अनुसार स्टोन इकाइयों में दिनभर पत्थर काटने और उनकी प्रोसेसिंग का काम चलता है। रात करीब 10 बजे मशीनें बंद करने के बाद व्यापारी एवं मजदूर अपने घर चले जाते हैं। सुबह जब वे प्रतिष्ठानों पर लौटते हैं तो कई बार मशीनों से जुड़ी बिजली की केबल अथवा वायरिंग कटी हुई या गायब मिलती है।

घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में भी मशीनों के आसपास बिजली के तार और केबल कटे एवं अस्त-व्यस्त दिखाई दे रहे हैं। हालांकि चोरी की प्रत्येक घटना की वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।

शारदा स्टोन इंडस्ट्रीज के मालिक राधामोहन ने बताया कि ऐसी घटनाओं से क्षेत्र के व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि चोरों के लिए चोरी करके ले जाई गई केबल की कीमत कबाड़ के रूप में भले ही लगभग ढाई हजार रुपये हो, लेकिन संबंधित व्यापारी को इसका कई गुना नुकसान उठाना पड़ता है।

₹2,500 की केबल से व्यापारी को ₹20 हजार तक का नुकसान

व्यापारियों का कहना है कि चोरी की गई केबल के स्थान पर बाजार से तत्काल नई केबल लानी पड़ती है। इसके बाद मशीन में दोबारा वायरिंग कराने और मशीन को चालू करवाने में समय तथा धन खर्च होता है। इस दौरान मशीन बंद रहने से उत्पादन रुक जाता है और मजदूरों को भी खाली बैठना पड़ता है।

राधामोहन के अनुसार एक केबल चोरी होने से व्यापारी को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 15 से 20 हजार रुपये अथवा इससे अधिक का नुकसान हो सकता है। नुकसान केवल केबल की कीमत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मशीन बंद रहने, उत्पादन प्रभावित होने और मजदूरी का भुगतान करने के कारण इसकी राशि बढ़ जाती है।

उन्होंने कहा कि स्टोन उद्योग पहले ही बिजली, मजदूरी, परिवहन और मशीनों के रखरखाव सहित विभिन्न खर्चों का सामना कर रहा है। ऐसे में बार-बार केबल चोरी होने से छोटे और मध्यम स्तर के कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

कई स्टोन इकाइयों से जुड़े व्यापारियों ने जताई चिंता

इस मामले को लेकर सुनील सिंघल, शारदा स्टोन इंडस्ट्रीज, बलवीर चौधरी से जुड़ी मोहन देवी स्टोन और गजानंद स्टोन से जुड़े गुड्डा सेठ सहित क्षेत्र के विभिन्न व्यापारियों ने चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

उन्होंने मांग की कि पुलिस रात के समय RIICO क्षेत्र में नियमित गश्त करे। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों और कबाड़ खरीदने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाए। व्यापारियों का मानना है कि यदि चोरी का सामान खरीदने वालों तक पुलिस पहुंचे तो ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकता है।

व्यापारियों ने औद्योगिक इकाइयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त रोशनी रखने और निजी स्तर पर चौकीदार की व्यवस्था करने पर भी चर्चा की। उनका कहना है कि सुरक्षा के इन उपायों के बावजूद पुलिस की नियमित गश्त आवश्यक है।

थाना प्रभारी बोले—केबल चोरी से जुड़ा गिरोह पकड़ा

मामले को लेकर बयाना थाना प्रभारी रामगिलास गुर्जर से बात की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने हाल ही में केबल चोरी से जुड़े एक गिरोह को पकड़ा है। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यापारी अपनी शिकायत अथवा दर्ज एफआईआर पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करें। इसके बाद पकड़े गए आरोपियों से संबंधित घटनाओं और तथ्यों का मिलान कर विधिवत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के इस बयान के बाद व्यापारियों को चोरी की घटनाओं के खुलासे की उम्मीद जगी है। हालांकि व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच करते हुए चोरी हुए सामान की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करे।

उद्योगों की सुरक्षा स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी

बयाना का स्टोन उद्योग स्थानीय स्तर पर बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध कराता है। मशीन ऑपरेटर, मजदूर, वाहन चालक, पत्थर सप्लायर और अन्य छोटे कारोबारी इस उद्योग से जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी इकाई की मशीन बंद होने का असर केवल उसके मालिक पर ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े मजदूरों और अन्य लोगों की आजीविका पर भी पड़ता है।

व्यापारियों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो चोरी की घटनाएं उद्योगों के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से घटनाओं की निष्पक्ष जांच, रात में गश्त बढ़ाने और औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करने की मांग की है।

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed