
राजस्थान: भरतपुर जिले की बयाना तहसील के पाली डांग खो गांव के पास श्री श्री 1008 श्री शीतल दास जी महाराज के द्वारा उनके आश्रम क्षेत्र में श्री गिरिराज महाराज एवं कन्हैया जी की सह परिवार प्राण प्रतिष्ठा विधिवत संपन्न हुई |
श्री श्री 1008 श्री शीतल दास जी महाराज रामानंदी संप्रदाय की संत हैं | महाराज श्री विगत 60 वर्षों से इस क्षेत्र में तपस्या कर रहे हैं | उनके द्वारा पूर्व में भी दो और आश्रम बनाए गए हैं और उनमें भी शिव परिवार शिवलिंग लक्ष्मी नारायण हनुमान जी दुर्गे मां एवं अन्य देवताओं की मूर्ति की भी प्राण प्रतिष्ठा कराई गई | इस बार महाराज श्री ने पहली बार श्री गोवर्धन महाराज एवं कन्हैया जी के सह परिवार प्राप्त प्रतिष्ठा कराई गई है यह प्राण प्रतिष्ठा 20 फरवरी 2026 को संपन्न हुई |
क्या गोवर्धन महाराज की प्राण प्रतिष्ठा कराई जा सकती है ?
श्री गोवर्धन महाराज की प्रार्थना प्रतिष्ठा के बारे में अलग-अलग विद्वानों का अलग-अलग मत है कुछ विद्वान कहते हैं कि श्री गोवर्धन महाराज की प्राण प्रतिष्ठा सिर्फ साधु संत ही पहाड़ एवं जंगलों में कर सकते हैं | कुछ विद्वानों का कहना है कि श्री गोवर्धन महाराज के यहां से कोई भी पत्थर गोवर्धन पर्वत से अलग नहीं किया जा सकता |
लेकिन साधु संत चाहे तो क्या नहीं हो सकता ? क्योंकि संत भगवान का ही रूप होता है और भगवान जैसा चाहे वैसा कर सकता है |
कैसा प्रभाव है श्री शीतल दास जी महाराज का इस क्षेत्र में ?
इस क्षेत्र में संत श्री शीतल दास जी महाराज का प्रभाव एवं भक्तों की उनके प्रति अगाध आस्था अवर्णनीय है नहीं है | वह इस क्षेत्र में लगभग पिछले 60 वर्षों से तपस्या कर रहे हैं स्थानीय निवासियों का कहना है कि वह एक सिद्ध संत हैं स्थानीय निवासी एवं आसपास के गांव के लोग उनमें ईश्वर का रूप देखते हैं उनके आश्रम में लोक दंडवत परिक्रमा भी करते देखे जा सकते हैं इसी को उदहारण मानते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनके प्रति इस क्षेत्र में लोगों की कैसी आस्था है ?
यदि किसी को आश्रम पर महाराज जी से मिलने जाना हो तो कैसे जाएगा ?
देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 200 से 250 किलोमीटर दूर स्थित बंद बरेठा क्षेत्र जो की वर्ल्ड सेंचुरी के नाम से भी जाना जाता है यहां पहुंचने के लिए आप देश के किसी भी शहर से भरतपुर , आगरा, कोटा, जयपुर पहुंच जाए वहां से आपको बयाना के लिए रेल, बस, टैक्सी जैसी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी बयाना पहुंचने के बाद आप आसानी से बंद बरेठा जो की वर्ड सेंचुरी के लिए प्रसिद्ध है आप बंद बरेठा पहुंच जाए | वहां से आप पाली डांगखोह नामक गांव के पास महाराज जी के आश्रम में पहुंच सकते हैं आप स्थानीय निवासियों से किसी से भी महाराज जी का यदि आप पता पूछेंगे तो वह आपको सहज ही बता देंगे |
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