नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष के समर्थकों द्वारा जश्न मनाए जाने की बात; थाना प्रभारी बोले—मामला जानकारी में नहीं, दिखवाकर कराई जाएगी कार्रवाई
वैर। नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम के बाद वैर में नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष के समर्थकों द्वारा मनाए गए जीत के जश्न के दौरान मुख्य सड़क के किनारे आतिशबाजी किए जाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में सड़क पर वाहनों का आवागमन जारी रहने के दौरान पटाखे छोड़े जाते दिखाई दे रहे हैं। आतिशबाजी से निकलने वाली चिंगारियां और धुआं सड़क की तरफ फैलता नजर आ रहा है, जिससे वाहन चालकों तथा राहगीरों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के विभिन्न नगरीय निकायों में नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव संपन्न होने के बाद कई स्थानों पर विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों ने जश्न मनाया। वैर नगरपालिका में भी अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित होने के बाद समर्थकों द्वारा खुशी जताई गई। इसी दौरान वैर कस्बे से गुजरने वाले बयाना–भुसावर मार्ग पर पटाखे चलाए जाने का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि आतिशबाजी करने वाले लोग नवनिर्वाचित नगरपालिका अध्यक्ष के समर्थक थे। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले सभी लोगों की पहचान और राजनीतिक संबद्धता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सामने आए वीडियो में सड़क के किनारे पटाखे रखे हुए दिखाई दे रहे हैं। आतिशबाजी के दौरान मार्ग पर मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और अन्य वाहनों का आवागमन भी जारी नजर आता है। पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां कुछ दूरी तक फैलती हैं, जबकि धुआं सड़क की ओर जाता दिखाई देता है। रात के समय अचानक होने वाले तेज धमाके, रोशनी और धुएं के कारण वाहन चालकों का ध्यान भटक सकता है। इससे किसी वाहन का संतुलन बिगड़ने अथवा दुर्घटना होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है।
वीडियो को देखकर यह सवाल भी उठता है कि व्यस्त सार्वजनिक मार्ग के इतने नजदीक आतिशबाजी करते समय सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए गए थे अथवा नहीं। मौके पर यातायात नियंत्रित करने, वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोकने या आतिशबाजी वाले स्थान के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाए जाने जैसी कोई व्यवस्था वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। पटाखों के पास से वाहन गुजरते नजर आ रहे हैं, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना होने का खतरा बना रह सकता था।
राहत की बात यह है कि इस दौरान किसी व्यक्ति के घायल होने अथवा किसी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना सामने नहीं आई है। फिर भी सार्वजनिक सड़क के किनारे इस प्रकार पटाखे छोड़ना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जा सकता। यदि किसी पटाखे की दिशा अचानक बदल जाती, चिंगारी किसी दोपहिया वाहन चालक या राहगीर पर गिर जाती अथवा धुएं के कारण सामने का मार्ग दिखाई देना बंद हो जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
इस मामले को लेकर सनातनी संत रिपोर्टर ने वैर थाना प्रभारी से जानकारी लेने का प्रयास किया। थाना प्रभारी ने कहा, “मेरी जानकारी में अभी ऐसा कुछ नहीं है। मैं इसे दिखवाता हूं। यदि इस प्रकार की कोई गड़बड़ी हुई है तो कार्रवाई की जाएगी।” थाना प्रभारी की प्रतिक्रिया के बाद अब पुलिस द्वारा वीडियो और घटनास्थल की जांच किए जाने की उम्मीद है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आतिशबाजी किस समय हुई, इसे आयोजित करने वाले लोग कौन थे और इसके लिए पुलिस अथवा प्रशासन से किसी प्रकार की अनुमति ली गई थी या नहीं। यह भी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है कि आतिशबाजी के कारण यातायात कितनी देर तक प्रभावित हुआ। इन सभी तथ्यों की पुष्टि संबंधित प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। इसलिए केवल वीडियो के आधार पर किसी व्यक्ति को कानून का उल्लंघन करने का दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा।
लोकतांत्रिक चुनाव में विजय के बाद प्रत्याशी और समर्थकों द्वारा खुशी व्यक्त करना स्वाभाविक है। मिठाई बांटना, एक-दूसरे को बधाई देना और शांतिपूर्ण ढंग से उत्सव मनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। लेकिन सार्वजनिक सड़क पर होने वाला कोई भी कार्यक्रम आम नागरिकों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहिए। जश्न ऐसा होना चाहिए जिससे दूसरे लोगों की जान जोखिम में न पड़े और न ही उन्हें आवागमन में परेशानी हो।
आतिशबाजी के लिए भीड़भाड़ और वाहनों के आवागमन वाले मार्ग के स्थान पर किसी सुरक्षित खुले स्थान का चयन किया जा सकता था। पटाखे चलाते समय लोगों और वाहनों से पर्याप्त दूरी, अग्निशमन के प्राथमिक साधन तथा जिम्मेदार व्यक्तियों की निगरानी जरूरी होती है। अस्पताल, विद्यालय, न्यायालय और अन्य शांत क्षेत्रों के आसपास लागू ध्वनि संबंधी नियमों का भी पालन किया जाना चाहिए। स्थानीय प्रशासन द्वारा यदि किसी क्षेत्र में निषेधाज्ञा अथवा विशेष प्रतिबंध लगाया गया हो तो उसका पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।
राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों की जिम्मेदारी सामान्य नागरिकों से अधिक होती है, क्योंकि उनके कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हो सकते हैं। नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को भी समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने और सुरक्षित तरीके से जश्न मनाने की अपील करनी चाहिए। इससे आम जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी जोखिमपूर्ण परिस्थितियों से बचा जा सकेगा।
अब पुलिस और प्रशासन से अपेक्षा है कि सामने आए वीडियो की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। जांच में यह देखा जाना चाहिए कि आतिशबाजी कहां की गई, किसके द्वारा की गई, क्या इससे यातायात प्रभावित हुआ और क्या सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित किसी नियम की अनदेखी हुई। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए कि मुख्य सड़कों पर यातायात के बीच पटाखे न चलाए जाएं।
नोट: यह समाचार उपलब्ध वीडियो, घटनास्थल पर दिखाई देने वाली परिस्थितियों तथा वैर थाना प्रभारी से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर तैयार किया गया है। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान और उनका नवनिर्वाचित अध्यक्ष से संबंध आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।
