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बयाना का ऐतिहासिक ऊषा मंदिर: बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी

बयाना का ऐतिहासिक ऊषा मंदिर: प्रशासन की अनदेखी से जर्जर होती धरोहर

भरतपुर (डीग), राजस्थान | सनातनी संत रिपोर्टर सूत्र रिपोर्ट

राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में स्थित प्राचीन एवं पौराणिक महत्व का ऊषा मंदिर आज उपेक्षा और अव्यवस्था की मार झेल रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और देवस्थान विभाग के अधीन होने के बावजूद यह धरोहर संरक्षण के अभाव में धीरे-धीरे अपनी पहचान खोती जा रही है।

गर्भगृह के नीचे नशे का अड्डा, आस्था पर चोट

मंदिर के गर्भगृह के नीचे स्थित तहखाने की स्थिति बेहद चिंताजनक है। वहां खाली कफ सिरप और दवाइयों की शीशियां बड़ी मात्रा में पाई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि असामाजिक तत्व यहां नशे के रूप में इनका दुरुपयोग करते हैं, जिससे मंदिर की पवित्रता प्रभावित हो रही है।

यह स्थिति न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत कर रही है बल्कि सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करती है।

परिक्रमा मार्ग में चमगादड़ों का कब्जा

मंदिर के परिक्रमा मार्ग में बड़ी संख्या में चमगादड़ों ने डेरा जमा लिया है। इसके कारण पूरे परिसर में दुर्गंध और गंदगी का माहौल बना रहता है। श्रद्धालुओं को दर्शन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जर्जर संरचना और गिरता ढांचा

मंदिर की दीवारों और छतों की हालत बेहद खराब हो चुकी है। कई हिस्सों में प्लास्टर झड़ चुका है और काले धब्बे स्पष्ट दिखाई देते हैं। पिछली बारिश के दौरान मंदिर के कुछ हिस्सों की पट्टियां टूटकर गिर गई थीं, जो आज भी परिसर में पड़ी हुई हैं।

पौराणिक महत्व: कृष्ण के वंश से जुड़ा इतिहास

ऊषा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय पौराणिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मान्यता के अनुसार यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण के प्रपौत्र अनिरुद्ध और बाणासुर की पुत्री राजकुमारी ऊषा के प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। यह स्थान आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।

यह धरोहर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का भी बड़ा केंद्र है।

जनता में आक्रोश और आंदोलन की चेतावनी

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में इस स्थिति को लेकर गहरा आक्रोश है। नगरपालिका पार्षद डॉ. शैलेंद्र गुर्जर ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया है।

संत रुद्रनाथ महाराज के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मंदिर की सफाई, मरम्मत और संरक्षण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

निष्कर्ष

हर दिन हजारों श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर दर्शन करने आते हैं, लेकिन बदहाल स्थिति उनकी आस्था को ठेस पहुँचा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर को बचाने के लिए क्या कदम उठाता है या यह विरासत केवल इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएगी।

© SSR News | सनातनी संत रिपोर्टर सूत्र रिपोर्ट | बयाना, राजस्थान

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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