बयाना: खटनावली गांव में अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग
बाड़े में रखा चारा और ईंधन जलकर खाक, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
बयाना। भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के अंतर्गत आने वाले गांव खटनावली में गुरुवार को अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। इस आगजनी में ग्रामीणों का भारी नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आग गांव के निवासी घंटोली मीना पुत्र प्रभु दयाल और बब्बल शर्मा पुत्र रामजीलाल शर्मा के बाड़ों में लगी।
आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते बाड़ों में रखा भारी मात्रा में चारा और घरेलू ईंधन (कंडे/लकड़ियां) पूरी तरह जलकर राख हो गया। आग की लपटें उठती देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक पीड़ितों का काफी नुकसान हो चुका था।
🔥 विशेष गाइड: आग से बचाव और सुरक्षा के उपाय
1. आग लगने पर क्या करें? (Emergency Response)
- शोर मचाएं: आग देखते ही चिल्लाकर आसपास के लोगों को सचेत करें।
- दमकल को फोन करें: तुरंत फायर ब्रिगेड (101) को सूचना दें।
- बिजली काट दें: यदि संभव हो तो मुख्य स्विच बंद कर दें।
- मिट्टी और पानी: यदि बिजली की आग नहीं है, तो पानी और सूखी मिट्टी का उपयोग करें।
2. फायर सेफ्टी के महत्वपूर्ण सुझाव (Prevention)
- बाड़ों में सूखे चारे के पास बीड़ी-सिगरेट या माचिस का प्रयोग न करें।
- बाड़े के ऊपर से बिजली की नंगी तारें न निकलने दें।
- गर्मी के मौसम में दोपहर के वक्त चारे के पास आग जलाने से बचें।
3. फायर फाइटिंग ट्रेनिंग क्यों है जरूरी?
प्रत्येक गांव में युवाओं की एक टीम को फायर फाइटिंग (Fire Fighting) की बुनियादी ट्रेनिंग लेनी चाहिए। इसमें फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) चलाना, रेत की बाल्टियों का सही उपयोग और आग फैलने से रोकने के तरीके सिखाए जाते हैं। प्रशासन को भी ग्रामीण क्षेत्रों में ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित करनी चाहिए।
जनहित में जारी: आग से सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।
