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बयाना (भरतपुर)। बीते 1 मई को भरतपुर जिले के सूपा गांव में एक भव्य राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। अवसर था स्वर्गीय श्री बृजेंद्र सिंह सूपा जी की मूर्ति के अनावरण का, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली जैसे दिग्गज शामिल हुए। लेकिन इस कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ तस्वीरों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कार्यशैली और कानून के प्रति उनकी समझ पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

क्या ऐतिहासिक धरोहर पर राजनीतिक झंडा लगाना जायज है?

वायरल तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बयाना की ऐतिहासिक धरोहर ‘जहांगीर गेट’ पर एक व्यक्ति चढ़कर कांग्रेस पार्टी का झंडा लगा रहा है। किसी भी संरक्षित या ऐतिहासिक इमारत पर किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना न केवल नैतिक रूप से गलत है, बल्कि पुरातात्विक नियमों का उल्लंघन भी माना जाता है। सवाल यह उठता है कि क्या वोट बैंक की राजनीति के लिए हम अपनी विरासत का सम्मान करना भूल गए हैं?

मासूम स्कूली बच्चों का राजनीतिक उपयोग: सुरक्षा दांव पर

सबसे चौंकाने वाला दृश्य उन तस्वीरों में है जहां स्कूल की वर्दी (Uniform) पहने हुए छोटे बच्चे कांग्रेस के झंडे हाथों में थामे नजर आ रहे हैं।

बाल श्रम और कानून : चुनाव आयोग और बाल संरक्षण अधिकार आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी राजनीतिक गतिविधि में बच्चों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।

सुरक्षा की अनदेखी: तस्वीरों में बच्चे झंडा लगाने के लिए एक भारी वाहन (ट्रक) के केबिन पर चढ़ते दिख रहे हैं। बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के बच्चों को इस तरह के जोखिम भरे काम में लगाना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।

सत्ता और संगठन से तीखे सवाल

जो पार्टी दशकों तक सत्ता में रही है और कानून बनाने का दावा करती है, क्या उसके कार्यकर्ताओं को इतनी भी समझ नहीं कि बच्चों की सुरक्षा और ऐतिहासिक धरोहरों की गरिमा सर्वोपरि है?

क्या स्थानीय प्रशासन ने जहांगीर गेट जैसी धरोहर पर झंडा लगाने की अनुमति दी थी?

क्या शिक्षा विभाग उन स्कूलों पर संज्ञान लेगा जिनके बच्चे वर्दी में राजनीतिक प्रचार कर रहे हैं?

क्या कांग्रेस के आला नेता अपने कार्यकर्ताओं की इन लापरवाहियों पर जवाबदेही तय करेंगे?

राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जब बात बच्चों की सुरक्षा और देश की ऐतिहासिक विरासत की आती है, तो नियम सबके लिए समान होने चाहिए। आम जनता के बीच इस घटना को लेकर गहरा रोष है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की जा रही है।

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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