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भरतपुर, 15 अक्टूबर। पंचायत परिसीमन के विरोध में चुनाव बहिष्कार की घोषणा करने वाले ग्राम घसौला के ग्रामीण अब मतदान में भाग लेंगे। पंचायत समिति सेवर क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला बरताई के इस राजस्व गांव के प्रतिनिधिमंडल ने भरतपुर की उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी भारती गुप्ता से बातचीत के बाद बहिष्कार का फैसला वापस लिया है। प्रशासन ने ग्रामीणों के निर्णय को लोकतांत्रिक भागीदारी की दिशा में सकारात्मक पहल बताया है।

परिसीमन के विरोध में लिया था निर्णय

प्रशासन की ओर से जारी सूचना के अनुसार, घसौला के ग्रामीणों ने पंचायत के परिसीमन को लेकर विरोध जताते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था। इस संबंध में गांव के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग अधिकारी से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी।

मुलाकात के दौरान भारती गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को मतदान का महत्व समझाया। उन्होंने ग्रामीणों को चुनाव बहिष्कार नहीं करने और अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। प्रशासन की बातचीत का केंद्र ग्रामीणों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।

गुरुवार को दोबारा मुलाकात कर दिया ज्ञापन

भारती गुप्ता ने बताया कि गुरुवार, 15 अक्टूबर को ग्राम घसौला के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे पुनः मुलाकात कर ज्ञापन प्रस्तुत किया। चर्चा के उपरांत ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार नहीं करने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेते हुए मतदान करने का निर्णय लिया।

इस तरह प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बातचीत के बाद ग्रामीणों के पहले घोषित रुख में बदलाव आया। जारी सूचना के मुताबिक, अब ग्रामीण अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल में शामिल व्यक्तियों के नाम और ज्ञापन की विस्तृत मांगों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

मतदान से जनभागीदारी मजबूत होने की बात कही

उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मतदान प्रत्येक नागरिक का महत्वपूर्ण अधिकार एवं कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि मतदान के माध्यम से नागरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं।

भारती गुप्ता ने घसौला के ग्रामीणों द्वारा बहिष्कार वापस लेने को जनभागीदारी बढ़ाने वाला कदम बताया। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होकर मतदान करने का यह निर्णय सकारात्मक पहल है।

स्थानीय जरूरतों से जुड़ा है पंचायत चुनाव

पंचायत चुनाव ग्रामीण स्तर पर जनप्रतिनिधित्व का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। गांवों की साफ-सफाई, सार्वजनिक सुविधाओं, स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े विषय पंचायत व्यवस्था के माध्यम से उठाए जाते हैं। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी स्थानीय जरूरतों को प्रतिनिधित्व देने के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है।

घसौला के मामले में ग्रामीणों ने अपनी आपत्ति प्रशासन के समक्ष रखने के साथ मतदान में शामिल होने का निर्णय लिया है। यहां दो अलग पहलू हैं—एक पंचायत परिसीमन पर ग्रामीणों की आपत्ति और दूसरा चुनाव में मताधिकार का प्रयोग। उपलब्ध सूचना मतदान में भाग लेने के निर्णय की पुष्टि करती है।

परिसीमन की आपत्ति पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

प्रशासन की जारी सूचना में परिसीमन की आपत्ति स्वीकार किए जाने, पंचायत की सीमाओं में बदलाव अथवा किसी संशोधित आदेश का उल्लेख नहीं है। इसलिए चुनाव बहिष्कार वापस लेने को परिसीमन संबंधी मांग पूरी होने के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।

फिलहाल स्पष्ट जानकारी यही है कि प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन दिया और बातचीत के बाद ग्रामीणों ने मतदान करने का फैसला किया। परिसीमन संबंधी आपत्ति पर आगे कोई आधिकारिक आदेश या जानकारी जारी होने पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

स्रोत: प्रशासन की ओर से जारी सूचना।

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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