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राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के गांव पुराबई खेडा में इन दोनों एक रहस्यमई घटना का सिलसिला लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है | गांव निवासी शोभाराम जाटव और उनका परिवार पिछले कई दिनों से अजीब घटनाओं के कारण है और भय और तनाव के माहौल में जी रहा है | परिवार का दावा है कि उनके घर में अचानक अलग-अलग कमरों में आग लग जाती है कभी ऊपर तो कभी नीचे पत्थर गिरने लगते हैं और रात के समय अजीब आकृतियां दिखाई दे रही हैं |
क्या कहते हैं गांव के चश्मदीद
ग्रामीणों के अनुसार शोभाराम के दो मकान हैं और दोनों जगह पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं सबसे हैरानी की बात यह बताई जा रही है कि जब गांव के लोग एक साथ खड़े होकर घटनाओं को देखने पहुंचे तभी अचानक बीच में पत्थर गिर गया हालांकि अभी तक किसी व्यक्ति को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा लेकिन पूरे परिवार और आसपास के लोगों में डर का माहौल बना हुआ है |
गांव के बुजुर्ग ग्रामीण सुभाष दीक्षित ने कहा कि वह नास्तिक है पहले कभी भूत प्रेत जैसी बातों पर विश्वास नहीं किया लेकिन अब जो घटनाएं हो रही है उनके गांव में उन्हें नजर अंदाज नहीं किया जा सकता | सुभाष दीक्षित ने बताया की पूरा गांव भय के माहौल में जी रहा है और खासकर शोभाराम के पड़ोसी इस घटना से मुझे आत्मा और परमात्मा में विश्वास होने लगा नहीं मैं पहले पूर्ण नास्तिक था और उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को देखकर हम अपील करना चाहते हैं कि यदि कोई ऐसा तांत्रिक है इस घटना को रोक सके तो वह इस गांव में आकर परिवार की आवश्यक मदद करें |

शोभाराम ने भी एक साया देखने का दावा किया
शोभाराम जाटव ने बताया कि उन्होंने उनके फर्स्ट फ्लोर पर बने मकान के कमरे में एक सफेद कपड़े पहने हुए बहुत बड़े व्यक्ति को चारपाई पर सोते हुए देखा | जब शोभाराम उसके नजदीक गए तो व्यक्ति अचानक से वही उनकी आंखों के सामने ओझल हो गया |
1 दिन की घटना का जिक्र करते हुए शोभाराम ने बताया कि वह अपने घर के आंगन में सो रहा था तो उसने अपने घर की छत पर एक बहुत बड़े विशालकाय व्यक्ति को देखा उसका काला शरीर था अजीब सी जिसकी बनाबत थी शोभाराम डर गया उसने अपने भाई को आवाज़ लगाई उसका भाई आया जब दोनों भाइयों ने देखा तो वह परछाई गायब थी |
गांव के निवासीयों का बयान
इस घटना के बारे में गांव के धर्मेंद्र चौधरी का कहना है कि इस घटना से पूरा गांव भय के माहौल में जी रहा है हमने पुलिस प्रशासन और प्रशासन से भी संपर्क किया है|
पुलिस प्रशासन गांवों में पहुंचा उन्होंने देखा तो गांव में हुआ उसके बारे में लोगों से जानकारी जुटाई , धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि पुलिस प्रशासन इसमें क्या छानबीन करे क्योंकि न तो किसी गांव के व्यक्ति का इसमें कोई न कसूर किसी पड़ोसी का कसूर यह कोई दैवीय प्रकोप है या विज्ञान यह सघन जांच का विषय है पुलिस वालों ने बोला इस विषय में हम क्या कर सकते हैं क्योंकि इसमें किसी व्यक्ति विशेष का तो हाथ है नहीं और घटना पुलिस के सामने भी नहीं घट रही है | पुलिस प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया कि यदि हमसे जो मदद हो सकेगी प्रशासन से जो मदद हो सकेगी उसे मदद को हम तैयार हैं और परिवार और गांव की मदद हम करेंगे |

डर के माहौल में परिवार की क्या है गतिविधि ?
परिवार डर के माहौल में इतना है कि उन्होंने आग के डर की वजह से कपड़ों को निकाल कर गठरी बांधकर अपने घर के आंगन में रख रखा है क्योंकि यह आग अचानक कपड़ों में लगती है अचानक बिस्तर में लगती है अचानक घरेलू सामान में लग जाती है और परिवार रात को सो नहीं पता है वह इसी भय में रहता है की अब आग कहां लगेगी और कैसे लगेगी और क्या नुकसान पहुंचाएगी |
क्षेत्र के लोगों में है अलग-अलग चर्चाएं
इस घटना को लेकर के क्षेत्र के लोगों में अलग-अलग चर्चाएं हैं कुछ लोग इसे भूत-प्रेत के साए से जोड़ रहे हैं तो कुछ इसको दैवीय प्रकोप से जोड़ रहे हैं तो कुछ लोग इसके पीछे विज्ञान की अवधारणा को ढूंढ रहे हैं क्या है सच यह जानना बाकी है इस अपडेट से जुड़ने के लिए आप इस वेबसाइट को सब्सक्राइब करें और कमेंट में अपनी राय लिखें |
खबर में सभी तथ्य ग्रामीणों के आधार पर हैं क्या है सच्चाई यह तो ग्रामीण ही जानते हैं और परमात्मा जानता है |
अपील

परिवार एवं ग्रामीणों की अपील है कि यदि कोई तांत्रिक हो और इस परिवार की मदद कर सके तो इस गांव में इस परिवार से संपर्क करें

होई है सोई जो राम रच राखा
को काही तर्क बढ़ावाई शाखा