सेवर ब्लॉक में कृषि और राजस्व विभाग का निरीक्षण अभियान; किसानों से निर्धारित दर पर उर्वरक खरीदने और पीओएस मशीन की पर्ची लेने की अपील
भरतपुर, 7 अक्टूबर 2026। आगामी बुवाई सीजन से पहले किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित दर पर उपलब्ध कराने के लिए कृषि एवं राजस्व विभाग ने सेवर ब्लॉक में खाद विक्रेताओं की दुकानों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। जिला कलक्टर कमर चौधरी के निर्देश पर चलाए गए अभियान में अधिकारियों ने उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और बिक्री व्यवस्था की जांच की। विभाग के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर संबंधित विक्रेताओं को चेतावनी देकर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
पांच प्रतिष्ठानों और गोदामों की जांच
सहायक निदेशक कृषि विस्तार चरन सिंह ने बताया कि विशेष अभियान के तहत सेवर ब्लॉक के विभिन्न स्थानों पर उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और गोदामों का निरीक्षण किया गया। इनमें निम्न प्रतिष्ठान शामिल रहे:
- मैसर्स कल्याण खाद बीज भंडार, चिकसाना
- मैसर्स कृष्णा फर्टिलाइजर्स, समसपुर
- मैसर्स कटारा फर्टिलाइजर, समसपुर
- मैसर्स बजरंग खाद बीज भंडार, ऊंचा नगला
- मैसर्स सोलंकी खाद बीज भंडार, बरसो
अधिकारियों ने दुकानों एवं गोदामों में उपलब्ध उर्वरक, उसके भंडारण और किसानों को बिक्री की व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं की बारीकी से जांच की।
अनियमितताओं पर चेतावनी और कारण बताओ नोटिस
चरन सिंह ने बताया कि जांच के दौरान जहां अनियमितताएं सामने आईं, वहां संबंधित विक्रेताओं को सख्त चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
विभाग की ओर से उपलब्ध सूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस प्रतिष्ठान पर कौन-सी अनियमितता मिली अथवा किन विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए। निरीक्षण किए गए सभी प्रतिष्ठानों को अनियमितता का दोषी मानना उचित नहीं होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया कि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बेचना, स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को उर्वरक देने से मना करना अथवा बिक्री में अन्य अनियमितता बरतना गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसान पीओएस मशीन की पर्ची जरूर लें
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय पीओएस मशीन से जारी पर्ची अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मूल्य का ही भुगतान करें।
यदि कोई विक्रेता निर्धारित कीमत से अधिक राशि मांगता है या उर्वरक उपलब्ध होने के बावजूद देने से मना करता है, तो किसान संबंधित ब्लॉक अथवा जिला स्तर के कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार देवेंद्र सिंह तथा कृषि अधिकारी मनोज कुमार एवं महेश कुमार मौजूद रहे।
स्रोत: उपलब्ध कराई गई विभागीय प्रेस विज्ञप्ति।
