बयाना। 02 जून 2026 को बयाना पंचायत समिति सभागार में पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान हेतु मासिक जनसुनवाई एवं समस्या समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी भरतपुर कर्नल अनिल कुमार चौहान तथा सूबेदार क्लर्क ज्ञान सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस शिविर में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों ने भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य उन सभी पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना था, जो पेंशन, मेडिकल सुविधाओं, पहचान पत्रों, कैंटीन कार्ड, ईसीएचएस कार्ड तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित परेशानियों का सामना कर रहे थे। शिविर में आए प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुना गया और कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी कर दिया गया, जिससे उपस्थित लोगों में संतोष और राहत की भावना देखने को मिली।
शिविर में पेंशन संबंधी मामलों को विशेष प्राथमिकता दी गई। कई पूर्व सैनिकों ने बताया कि उनकी पेंशन समय पर नहीं आ रही है या उसमें किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि के कारण रुकावट आ रही है। अधिकारियों ने ऐसे मामलों को तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क कर निस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण लंबित समस्याओं को भी सूचीबद्ध कर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

इसके अलावा मेडिकल सुविधाओं से संबंधित समस्याएं भी प्रमुख रूप से सामने आईं। कई वीर नारियों और पूर्व सैनिकों ने ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) कार्ड से जुड़ी दिक्कतों, अस्पताल में इलाज में आने वाली कठिनाइयों तथा रेफरल प्रक्रिया में हो रही देरी की शिकायत की। अधिकारियों ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मेडिकल यूनिट से समन्वय स्थापित कर समाधान का भरोसा दिलाया।
शिविर में पहचान पत्र (आई कार्ड), कैंटीन कार्ड एवं अन्य सेवा संबंधी दस्तावेजों के नवीनीकरण और नए कार्ड जारी करने से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। कई लाभार्थियों ने बताया कि दस्तावेजों के अभाव या तकनीकी कारणों से उनके कार्ड समय पर नहीं बन पा रहे हैं, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए प्रक्रिया को सरल बनाने की बात कही।
खेती के लिए बिजली कनेक्शन से जुड़ी समस्याएं भी शिविर में प्रमुख रूप से उठाई गईं। कुछ पूर्व सैनिकों ने बताया कि उनके कृषि कार्यों के लिए बिजली कनेक्शन की स्वीकृति में देरी हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ रहा है। इस पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने संबंधित बिजली विभाग से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
शिविर के दौरान पूर्व सैनिक संघ बयाना के अध्यक्ष बलराम कांवर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि देश के गौरव सेनानियों और शहीद परिवारों की सुरक्षा, देखभाल और कल्याण प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सरकार को एक ऐसा स्थायी और प्रभावी प्रावधान बनाना चाहिए जिससे पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार भटकना न पड़े।
उन्होंने कहा कि पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पहचान पत्र और अन्य कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता और सरलता होनी चाहिए ताकि किसी भी पूर्व सैनिक या वीर नारी को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। उन्होंने राजस्थान के सैनिक कल्याण मंत्री को संबोधित करते हुए एक विस्तृत पत्र लिखने का प्रस्ताव भी रखा, जिसमें इन सभी समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग की जाएगी।

इस अवसर पर उपस्थित अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए चल रही योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय-समय पर ऐसे शिविरों का आयोजन करना एक सराहनीय कदम है, जिससे समस्याओं का न केवल त्वरित समाधान होता है बल्कि लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ता है।
शिविर में पूर्व सैनिक संघ के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे, जिनमें उपाध्यक्ष प्रेम सिंह, कैप्टन बच्चू सिंह सेना मेडल, देवी सिंह गुर्जर गिरदावल, पूर्व अध्यक्ष सुबद्दी सिंह, हवलदार रामखिलाड़ी सिंह, नायब सूबेदार महेंद्र सिंह, नायब सूबेदार फतेह सिंह, हवलदार रामवीर कांवर सहित अनेक गणमान्य सदस्य शामिल रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के दौरान यह भी देखा गया कि कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जिससे लाभार्थियों के चेहरे पर संतोष और खुशी झलक रही थी। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को भेजकर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
अंत में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अनिल कुमार चौहान ने सभी उपस्थित पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी समस्याओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और आगे भी ऐसे शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा ताकि किसी भी लाभार्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े।
यह शिविर न केवल एक औपचारिक जनसुनवाई था, बल्कि पूर्व सैनिकों और प्रशासन के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी साबित हुआ। इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो तो अधिकांश समस्याओं का समाधान समय पर और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है।
