रुदावल (भरतपुर)। सनातनी संत रिपोर्टर
सूरज के तीखे तेवर और आसमान से बरसती आग के बीच जहां आम जनजीवन बेहाल है, वहीं भरतपुर जिले के ग्रामीण अंचल से एक ऐसी सुखद और सकारात्मक खबर सामने आई है, जो समाज में मानवता और सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को और मजबूत करती है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे तापमान और भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच, मरीजों की सहूलियत के लिए बंसी पहाड़पुर माइनिंग एसोसिएशन (माइनिंग सोसाइटी) एक देवदूत बनकर सामने आई है। सोसाइटी ने स्थानीय बंसी पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में मरीजों और उनके तीमारदारों को इस जानलेवा गर्मी से बचाने के लिए कूलर, वाटर कूलर, टीन शेड और सिटिंग चेयर जैसी अत्यंत आवश्यक वस्तुएं दान की हैं। माइनिंग सोसाइटी की इस अनुकरणीय पहल की पूरे जिले में जमकर सराहना हो रही है।
समस्या को समझा और तुरंत किया समाधान
इन दिनों पूरे उत्तर भारत सहित राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर है। ग्रामीण परिवेश में स्थित बंसी पहाड़पुर अस्पताल में आसपास के दर्जनों गांवों के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। मौसमी बीमारियों और लू (Heat Wave) के चलते अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा था। अस्पताल प्रशासन सीमित संसाधनों के कारण इतनी बड़ी संख्या में आने वाले मरीजों को राहत देने में दिक्कतों का सामना कर रहा था।
इस संवेदनशीलता को भांपते हुए, भरतपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गौरव कपूर और बंसी पहाड़पुर माइनिंग सोसाइटी के अध्यक्ष कुंवर दीपराज के नेतृत्व में पिछले दिनों अस्पताल का एक विशेष दौरा (विजिट) किया गया था। इस दौरान अस्पताल के स्टाफ, मरीजों और उनके साथ आए परिजनों ने अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी और गर्मी से होने वाली भारी परेशानी से टीम को अवगत कराया था।
आमतौर पर ऐसी समस्याओं के सरकारी फाइलों में उलझने की आशंका रहती है, लेकिन बंसी पहाड़पुर माइनिंग सोसाइटी ने संवेदनशीलता और तत्परता की एक नई मिसाल पेश की। उन्होंने सरकारी प्रक्रिया के भरोसे बैठने के बजाय, ‘सामाजिक सरोकार’ (CSR) के तहत खुद आगे आकर तुरंत इन कमियों को दूर करने का बीड़ा उठाया।
अस्पताल को मिलीं ये जीवनरक्षक सुविधाएं
माइनिंग सोसाइटी ने मरीजों की तकलीफ को अपनी तकलीफ समझा और चंद दिनों के भीतर ही अस्पताल की कायाकल्प करने के लिए जरूरत का सारा साजो-सामान अस्पताल प्रबंधन को सौंप दिया। सोसाइटी की तरफ से निम्नलिखित वस्तुएं डोनेट की गईं:
05 हाई-पावर कूलर: अस्पताल के जनरल वार्ड और ओपीडी (OPD) क्षेत्र में मरीजों को ठंडी हवा देने और उमस से बचाने के लिए पांच बड़े कूलर लगाए गए हैं।
01 कमर्शियल वाटर कूलर: अस्पताल में आने वाले सैकड़ों लोगों के लिए ठंडे और साफ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक आधुनिक वाटर कूलर स्थापित किया गया है।
टीन शेड का निर्माण: ओपीडी के बाहर या दवा काउंटर के पास धूप में खड़े होने वाले मरीजों और बुजुर्गों को छांव देने के लिए मजबूत टीन शेड की व्यवस्था की गई है।
10 थ्री-सीटर सिटिंग चेयर: मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों को खड़े न रहना पड़े, इसके लिए आरामदायक सिटिंग चेयर (बेंच) डोनेट की गई हैं।
“जब बंसी पहाड़पुर CHC का दौरा किया गया था, तब मरीजों और स्टाफ ने गर्मी के कारण हो रही दिक्कतों के बारे में बताया था। मुझे बेहद खुशी है कि माइनिंग सोसाइटी ने हमारी बात को गंभीरता से लिया और इतनी जल्दी ये सभी संसाधन उपलब्ध करा दिए। यह कदम ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।”
— डॉ. गौरव कपूर, CMHO, भरतपुर
गरिमामयी समारोह में सौंपी गई राहत सामग्री
अस्पताल परिसर में आयोजित एक सादगीपूर्ण और गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान माइनिंग सोसाइटी के पदाधिकारियों ने यह सभी सामग्री चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों को सुपुर्द की। इस सेवा कार्य के गवाह बनने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहने वाले प्रमुख व्यक्तित्व:
कुंवर दीपराज (अध्यक्ष, बंसी पहाड़पुर माइनिंग सोसाइटी)
डॉ. गौरव कपूर (CMHO, भरतपुर)
डॉ. लखन चौधरी (BCMO)
इनके अलावा सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े अभयवीर सोलंकी, संदीप मिश्रा, मानवेंद्र, हरिओम, योगेश मित्तल, नौबत ठेकेदार, दिनेश तिघर्रा, महेश तिघर्रा, पप्पन, राकेश खंडेलवाल, अतरसिंह ठेकेदार, बनयसिंह, देवी ठेकेदार सहित सैकड़ों ग्रामीणों और खनन व्यवसायियों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया और इस पुनीत कार्य की सराहना की।
कॉर्पोरेट और सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) का बेहतरीन उदाहरण
बंसी पहाड़पुर क्षेत्र अपने विशेष गुलाबी और लाल पत्थरों के खनन के लिए देश-दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां की माइनिंग सोसाइटी ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि जिस समाज और क्षेत्र से वे कमाते हैं, उसके सुख-दुख में भी बराबर के भागीदार हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में अक्सर बजट या अन्य कारणों से सुविधाएं जुटाने में समय लगता है, लेकिन जब स्थानीय संगठन या सक्षम लोग इस तरह आगे आते हैं, तो व्यवस्थाएं रातों-रात बदल जाती हैं। माइनिंग सोसाइटी के अध्यक्ष कुंवर दीपराज ने इस मौके पर कहा कि उनका उद्देश्य क्षेत्र के लोगों की सेवा करना है और भविष्य में भी अस्पताल या शिक्षा से जुड़ी किसी भी जरूरत के लिए उनकी सोसाइटी हमेशा तत्पर रहेगी।
मरीजों और तीमारदारों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
इस डोनेशन के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में व्यापक सुधार देखने को मिल रहा है। अब मरीजों को ओपीडी की लाइनों में धूप में नहीं खड़ा होना पड़ता, क्योंकि टीन शेड ने उन्हें छांव दे दी है। वार्डों में चल रहे कूलरों ने मरीजों को असहनीय गर्मी से राहत दी है, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है। साथ ही, ठंडे पानी के वाटर कूलर ने इस भीषण तपन में अमृत का काम किया है।
बंसी पहाड़पुर माइनिंग सोसाइटी का यह कदम समाज के अन्य सक्षम वर्गों, उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों के लिए एक प्रेरणा पुंज है। यदि देश के हर कोने में स्थानीय उद्योग और सक्षम लोग अपने आस-पास के सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को गोद लेकर इसी तरह बुनियादी सुविधाएं विकसित करने लगें, तो भारत के ग्रामीण अंचल की तस्वीर बदलते देर नहीं लगेगी।
रुदावल और बंसी पहाड़पुर क्षेत्र के समस्त नागरिकों ने इस सराहनीय कार्य के लिए माइनिंग सोसाइटी के अध्यक्ष कुंवर दीपराज, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया है। सचमुच, तपती गर्मी के इस मौसम में यह खबर मन को शीतलता प्रदान करने वाली है।
