कुँवर केशव सिंह भदौरिया बने महाराणा कल्याण बोर्ड के पहले अध्यक्ष, कई दिग्गज नेता रहे मौजूद
भोपाल/मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में राजपूत समाज के हितों को ध्यान में रखते हुए गठित महाराणा कल्याण बोर्ड के पहले अध्यक्ष के रूप में कुँवर केशव सिंह भदौरिया ने विधिवत पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम को विशेष महत्व मिला।
इस कार्यक्रम में बोर्ड के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पूर्व केबिनेट मंत्री कुँवर अरविंद सिंह भदौरिया भी मौजूद रहे। उनके साथ मप्र वित्त आयोग के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) ठाकुर जयभान सिंह पवैया, कैबिनेट मंत्री ठाकुर गोविंद सिंह राजपूत, ठाकुर प्रद्युम्न सिंह तोमर, विभागीय मंत्री गौतम टेटवाल, लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष कुँवर सत्येंद्र भूषण सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुँवर अजयपाल सिंह चावड़ा और पूर्व विधायक महाराज राज्यवर्धन सिंह (नरसिंहगढ़) भी उपस्थित रहे।
राघवेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहां विशेष रूप से राजपूत समाज के हितों के लिए इस प्रकार का बोर्ड गठित किया गया है। यह बोर्ड राजपूत महापंचायत की इक्कीस सूत्रीय मांगों के अनुरूप बनाया गया है।
बोर्ड की भूमिका और उद्देश्य
- UGC संशोधन बिल जैसे मुद्दों पर समाज की आवाज उठाना
- एट्रोसिटी एक्ट के दुरुपयोग को रोकने की पहल
- आरक्षण की समीक्षा के लिए आयोग गठन की मांग
- राजपूत इतिहास के विकृतीकरण को रोकना
महाराणा कल्याण बोर्ड भविष्य में समाज की औपचारिक आवाज बनकर कार्य करेगा और विभिन्न सामाजिक व नीतिगत मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएगा।
आगामी योजनाएं
- प्रदेशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी
- जयंती समारोहों को भव्य रूप दिया जाएगा
- महाराणा प्रताप सामाजिक भवनों का निर्माण और बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा
समाज के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए इस बोर्ड की मांग की गई थी, जिसे अब सरकार ने साकार किया है।
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