स्वतंत्र एवं निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए सहयोग करें 🙏 • आज की ताज़ा बड़ी खबरें लगातार अपडेट हो रही हैं • राजस्थान और राष्ट्रीय समाचार उपलब्ध हैं . सनातन धर्म से जुड़ी हर खबर पर नजर रखता है सनातनी संत रिपोर्टर

बयाना (भरतपुर)। राजस्थान में भीषण गर्मी के साथ आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां गुरुवार को सदर थाना क्षेत्र के गांव चकनावली में अज्ञात कारणों से एक छप्परपोश मकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक भैंस जिंदा जल गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से झुलस गई। आग में घर का अधिकांश घरेलू सामान, अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर, कूलर और अन्य जरूरी सामान जलकर राख हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार पीड़ित परिवार को ढाई लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।

गांव में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने एकजुट होकर करीब एक घंटे तक पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पीड़ित परिवार की वर्षों की मेहनत राख में तब्दील हो चुकी थी।

अचानक उठीं आग की ऊंची लपटें, गांव में मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गुरुवार दोपहर गांव चकनावली में शेरसिंह गुर्जर के छप्परपोश घर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही देर में आग की ऊंची-ऊंची लपटें आसमान तक उठने लगीं। गर्मी और तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। लपटें इतनी भयानक थीं कि दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं।

जैसे ही ग्रामीणों को आग लगने की जानकारी मिली, लोग घरों से बाहर निकल आए और मौके की ओर दौड़ पड़े। गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों को डर था कि यदि आग पर तुरंत काबू नहीं पाया गया तो यह आसपास के अन्य घरों तक भी फैल सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था।

ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, मानव श्रृंखला बनाकर बुझाई आग

गांव के लोगों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। कई ग्रामीण घरों से बाल्टियों में पानी भरकर लाए, जबकि कुछ लोग मिट्टी डालकर आग को नियंत्रित करने में जुट गए। महिलाओं ने भी आग बुझाने में सहयोग किया।

ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर लगातार पानी पहुंचाया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक घर में रखा लगभग पूरा सामान जल चुका था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुछ देर और हो जाती तो आग आसपास के मकानों तक पहुंच सकती थी और नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था।

जिंदा जली भैंस, दूसरी गंभीर रूप से झुलसी

इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि घर के पास बंधी एक भैंस आग की चपेट में आ गई और मौके पर ही जिंदा जल गई। दूसरी भैंस को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी गंभीर रूप से झुलस गई।

भैंसों की दर्दनाक हालत देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पशुपालन करने वाले परिवार के लिए भैंस केवल पशु नहीं बल्कि रोजी-रोटी का मुख्य सहारा होती है। ऐसे में एक भैंस की मौत और दूसरी के गंभीर रूप से झुलसने से परिवार पर आर्थिक संकट और गहरा गया है।

घटना की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मृत भैंस का पोस्टमार्टम कराया गया। घायल भैंस का उपचार जारी है।

घरेलू सामान जलकर राख, परिवार के सामने संकट

आगजनी में पीड़ित शेरसिंह गुर्जर के घर में रखा कूलर, पंखे, अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर और अन्य जरूरी घरेलू सामान पूरी तरह जल गया। ग्रामीणों के अनुसार आग इतनी तेज थी कि परिवार को सामान बाहर निकालने तक का मौका नहीं मिल पाया।

गर्मी के इस मौसम में कूलर और पंखे जैसे जरूरी उपकरणों का जल जाना परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। वहीं खाने-पीने का अनाज और कपड़े जलने से परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का भी संकट खड़ा हो गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार सामान्य आर्थिक स्थिति वाला है और इस नुकसान से परिवार पूरी तरह टूट गया है।

सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और प्रशासन

घटना की सूचना मिलने के बाद झील पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और आग लगने के कारणों की जांच शुरू की।

वहीं पटवारी सचिन कुमार ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आंकलन किया। प्रशासन की ओर से आगजनी में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

पशुपालन विभाग की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृत भैंस का पोस्टमार्टम करवाया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

अज्ञात कारणों से लगी आग, जांच जारी

फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट, तेज गर्मी या किसी चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन और पुलिस मामले की जांच में जुटे हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी और सूखे मौसम के कारण छप्परपोश मकानों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हल्की सी चिंगारी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

गर्मी में बढ़ रहे आगजनी के मामले

राजस्थान में इस समय तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तेज गर्म हवाओं और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैल रही है। खासकर गांवों में बने छप्परपोश मकानों में आग लगने का खतरा अधिक रहता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में बिजली के तारों, खुले चूल्हों, सूखे घास-फूस और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग लगने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ग्रामीण इलाकों में आग बुझाने के पर्याप्त संसाधन नहीं होने के कारण नुकसान अधिक होता है।

पीड़ित परिवार ने मांगी प्रशासन से मदद

हादसे के बाद पीड़ित शेरसिंह गुर्जर और उनके परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को तुरंत राहत देने की अपील की है। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और आगजनी के कारण उनका सब कुछ बर्बाद हो गया है।

गांव के लोगों ने मांग की है कि प्रशासन पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, राशन सामग्री और पशुपालन के लिए विशेष राहत प्रदान करे ताकि परिवार दोबारा सामान्य जीवन शुरू कर सके।

ग्रामीणों की सतर्कता से टला बड़ा हादसा

गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आग आसपास के अन्य मकानों तक फैल सकती थी। चूंकि अधिकतर मकान पास-पास बने हुए हैं और कई घरों में छप्पर तथा सूखी लकड़ी का उपयोग होता है, इसलिए आग तेजी से फैलने की आशंका बनी हुई थी।

ग्रामीणों की तत्परता और एकजुटता के कारण बड़ा हादसा टल गया। लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाई और अन्य घरों को बचाया।

प्रशासन से आग सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग

इस घटना के बाद ग्रामीणों ने गांवों में आग सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच पाती, जिससे नुकसान अधिक हो जाता है।

ग्रामीणों ने गांव स्तर पर पानी के टैंकर, प्राथमिक अग्निशमन उपकरण और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

चकनावली गांव में हुई यह आगजनी की घटना एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गई है। कुछ ही मिनटों में परिवार की मेहनत, उनका आशियाना और उनकी रोजी-रोटी का सहारा आग में स्वाहा हो गया। हालांकि ग्रामीणों की बहादुरी और एकजुटता ने बड़े हादसे को टाल दिया, लेकिन पीड़ित परिवार का नुकसान बेहद गंभीर है।

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *