विकसित भारत का सपना देख रहे भारत के प्रधानों को एक बार ग्राउंड जीरो पर गांव में जाकर गांव की हालत और गांव वालों का हाल-चाल पूछना चाहिए।

हम मुगल और अंग्रेजों से तो आजाद हो गए मगर मानसिक रूप से अभी भी गुलाम है। हमारे देश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए कोई कड़ा नियम नहीं है।

जिस किसी को सरकारी पैसा मिल जाए वह उसे विकास कार्य में लेगाने के बजाय अपनी जेब भरने की सोचता है।

ऐसा ही कुछ भरतपुर जिले के गांव में हमें देखने को मिला। हमारे सनातनी संत रिपोर्टर की रिपोर्ट के अनुसार भरतपुर जिले के कई गांव अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए भटक रहे हैं।

ऐसे कई गांव में हमने विजिट किया तो पता लगा कि किसी गांव में रोड की समस्या है, किसी में जलापूर्ति नहीं है तो कहीं स्वास्थ्य, जलापूर्ति एवं सड़क सभी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं ग्रामीण। हमने जिन गांव में विजिट किया उन गांव में बयाना तहसील और रूपावास तहसील के कुछ गांव हैं।

कंजौली, सिर्रोंद, बंसी पहाड़पुर, सेवला बरेठा -रुपवास तहसील के गांव।

दहगाव ,नगला निर्भान, खटनावली ऐंचोली, तरबीजपुर गजनवा, सिंघानिया, एवं अन्य कई गांव – बयाना तहसील के गांव हैं जहां हमने मूलभूत समस्याओं से जूझते हुए ग्रामीणों को पाया।

विस्तृत जानकारी के लिए आप ऐसे ही कुछ गांव की वीडियो देखें ग्राउंड जीरो से

https://youtu.be/117kZCTP1RY

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *