रूपवास (भरतपुर)। रूपवास थाना क्षेत्र के गांव चक में देर रात एक जंगली जानवर द्वारा महिला पर किए गए हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीण जहां हमलावर जानवर को लेपर्ड (तेंदुआ) बता रहे हैं, वहीं वन विभाग की प्रारंभिक जांच में जानवर की पहचान हाइना (लकड़बग्घा) के रूप में होने की संभावना जताई जा रही है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है।
जानकारी के अनुसार गांव चक निवासी गुड्डी पत्नी जगदीश कुशवाहा बुधवार देर रात घर से बाहर शौच के लिए गई थीं। इसी दौरान अंधेरे में घात लगाए बैठे एक जंगली जानवर ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमले से महिला घबरा गई और जोर-जोर से चीखने लगी। महिला की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों की आहट और शोर सुनते ही जंगली जानवर वहां से भाग निकला, जिससे महिला की जान बच गई।
हमले में घायल हुई महिला को परिजनों और ग्रामीणों की मदद से तुरंत रूपवास उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला को शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें आई हैं, हालांकि उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पशुओं पर भी किया हमला
ग्रामीणों ने बताया कि महिला पर हमले से पहले या बाद में उसी जंगली जानवर ने गांव के दो पशुओं पर भी हमला किया। पशुओं के मुंह और चेहरे पर खरोंच के निशान पाए गए हैं। इससे ग्रामीणों की आशंका और बढ़ गई कि क्षेत्र में कोई खतरनाक वन्यजीव घूम रहा है, जो इंसानों और पशुओं दोनों के लिए खतरा बन सकता है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने रातभर जागकर पहरा दिया। कई लोगों ने अपने घरों के बाहर अलाव जलाए और समूह बनाकर निगरानी की। गांव में बच्चों और महिलाओं को लेकर विशेष चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो कोई बड़ी घटना भी हो सकती है।
ग्रामीणों ने जताई लेपर्ड होने की आशंका
गांव के लोगों का कहना है कि यह वही लेपर्ड हो सकता है, जिसकी कुछ दिनों पहले घाटौली क्षेत्र की पहाड़ियों में मौजूदगी की चर्चा हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार पिछले कुछ समय से पहाड़ी इलाकों में किसी बड़े जंगली जानवर की गतिविधियां देखी जा रही हैं। कई लोगों ने रात के समय खेतों और पहाड़ियों के आसपास संदिग्ध गतिविधियां देखने का दावा भी किया है।
ग्रामीणों का मानना है कि उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे पहाड़ी क्षेत्रों से होकर यह जंगली जानवर भरतपुर जिले के रूपवास क्षेत्र के खनन इलाके तक पहुंचा हो सकता है। घाटौली की पहाड़ियां चक सामरी और आसपास के गांवों तक फैली हुई हैं, जहां वन्यजीवों की आवाजाही की संभावना बनी रहती है।
हालांकि अभी तक किसी भी ग्रामीण के पास ऐसा कोई स्पष्ट वीडियो या फोटो सामने नहीं आया है, जिससे हमलावर जानवर की निश्चित पहचान की जा सके। इसी कारण वन विभाग भी मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है।
सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम
घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी प्रतिभा सिंह अपनी टीम के साथ गांव चक पहुंचीं। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घायल महिला से पूरी घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इसके अलावा ग्रामीणों से भी बातचीत कर हमलावर जानवर के बारे में जानकारी एकत्र की गई।
वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र में पैरों के निशान और अन्य संकेतों की भी जांच की। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर विभाग ने संभावना जताई है कि हमला करने वाला जानवर लेपर्ड नहीं बल्कि हाइना (लकड़बग्घा) हो सकता है। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही निकाला जाएगा।
वन अधिकारियों का कहना है कि कई बार ग्रामीण किसी भी बड़े जंगली जानवर को देखकर उसे लेपर्ड समझ लेते हैं, जबकि वास्तविकता कुछ और हो सकती है। इसलिए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के बाद ही जानवर की पहचान की पुष्टि की जाएगी।
सरपंच ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की
गांव के सरपंच रोहतम सिंह ने घटना को गंभीर बताते हुए वन विभाग और प्रशासन को तत्काल सूचना दी है। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने, वन्यजीव की निगरानी करने और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
सरपंच का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में भय का माहौल है। यदि जंगली जानवर लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहा है तो उसकी गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द उचित कदम उठाने चाहिए ताकि लोगों में फैली दहशत कम हो सके।
ग्रामीणों में दहशत, रात में नहीं निकल रहे लोग
घटना के बाद गांव चक सहित आसपास के क्षेत्रों में भय का वातावरण बना हुआ है। कई परिवारों ने बच्चों और महिलाओं को रात के समय घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। खेतों पर जाने वाले किसान भी समूह में जाने की योजना बना रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवर की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं, जिससे लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। खासकर बरसात के मौसम से पहले वन्यजीवों की गतिविधियों में वृद्धि होने की आशंका भी जताई जा रही है।
वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी जंगली जानवर को देखकर घबराएं नहीं और न ही उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास करें। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि रात्रि के समय अकेले बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो समूह में जाएं और अपने साथ टॉर्च तथा डंडा रखें।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यदि किसी को जंगली जानवर दिखाई देता है तो तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। बिना पुष्टि के अफवाहें फैलाने से बचें, क्योंकि इससे लोगों में अनावश्यक भय का माहौल बन सकता है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी सच्चाई
फिलहाल घटना को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग की राय अलग-अलग दिखाई दे रही है। जहां ग्रामीण हमलावर को लेपर्ड मान रहे हैं, वहीं वन विभाग प्रारंभिक जांच में हाइना होने की संभावना जता रहा है। ऐसे में अंतिम सच्चाई विस्तृत जांच और वन्यजीव विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी।
लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने गांव चक और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिंता में डाल दिया है। अब सभी की नजर वन विभाग की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर क्षेत्र में घूम रहा जंगली जानवर कौन है और उससे लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

