रेवाड़पुरा में राजपूत विकास एवं कल्याण संस्थान की बैठक आयोजित, रणजीत सिंह जादौन बने बयाना तहसील अध्यक्ष
बयाना। राजपूत विकास एवं कल्याण संस्थान की ओर से बुधवार 28 मई 2026 को बयाना तहसील में नवीन तहसील अध्यक्ष नियुक्ति एवं शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में समाजबंधु, वरिष्ठजन, युवा एवं गणमान्य नागरिक शामिल हुए। समारोह सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती, शिक्षा के प्रसार और समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने के संकल्प के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सरपंच वागरैन लज्जाराम जी ने की। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज की मजबूती संगठन की एकता में निहित है और यदि समाज संगठित होकर कार्य करेगा तो आने वाले समय में नई पीढ़ी को बेहतर दिशा मिल सकेगी। उन्होंने नवीन तहसील अध्यक्ष की घोषणा करते हुए समाज के विकास, शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और संगठन विस्तार पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को केवल परंपराओं तक सीमित रहने के बजाय आधुनिक सोच और शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
समारोह के दौरान नवीन तहसील अध्यक्ष रणजीत सिंह जादौन को डॉ अमर सिंह जादौन द्वारा विधिवत शपथ दिलाई गई। शपथ ग्रहण के दौरान समाजहित, संगठन की मजबूती, सामाजिक एकता तथा युवाओं को जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया। समारोह में मौजूद लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ नए नेतृत्व का स्वागत किया।कार्यक्रम में जिले की नवगठित कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का माहौल सामाजिक उत्साह और भाईचारे से परिपूर्ण दिखाई दिया। समाज के वरिष्ठजनों ने एकजुट होकर समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया।
डा अमर सिंह जादौन ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही समाज की वास्तविक शक्ति है और बिना शिक्षा के किसी भी समाज का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज समाज के युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा ही समाज को नई दिशा और नई पहचान दिला सकते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि आज समाज को केवल राजनीतिक या सामाजिक स्तर पर ही नहीं बल्कि शैक्षणिक और आर्थिक स्तर पर भी मजबूत बनने की आवश्यकता है। यदि युवा पढ़-लिखकर आगे बढ़ेंगे तो समाज का सम्मान स्वतः बढ़ेगा। उन्होंने युवाओं से नशे, दिखावे और अनावश्यक खर्चों से दूर रहने का आह्वान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए गोपाल सिंह राजावत ने समाज में शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में होने वाले फिजूल खर्च पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज समाज में दिखावे की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है, जिसके कारण कई परिवार आर्थिक रूप से परेशान हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों को सादगीपूर्ण बनाया जाना चाहिए ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।
गोपाल सिंह राजावत ने कहा कि समाज को अब प्रतिस्पर्धात्मक दिखावे से बाहर निकलकर शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास की ओर ध्यान देना होगा। उन्होंने युवाओं से समाज के इतिहास, संस्कृति और परंपराओं के प्रति जागरूक रहने का भी आह्वान किया।
जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह परमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि संगठन तभी मजबूत होगा जब समाज द्वारा लिए गए निर्णयों का दृढ़ता और एकजुटता के साथ पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को संगठन की जिम्मेदारी समझनी होगी और समाजहित में लिए गए निर्णयों को गांव-गांव तक पहुंचाना होगा।
उन्होंने कहा कि राजपूत विकास एवं कल्याण संस्थान आने वाले समय में प्रत्येक गांव स्तर पर संगठन की इकाइयों को मजबूत करेगा और युवाओं को स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य समाज को नई सोच के साथ आगे बढ़ाना है।
लाल सिंह जादौन ने विवाह समारोहों में बढ़ते दिखावे और अनावश्यक खर्च को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को सामूहिक विवाह सम्मेलनों को बढ़ावा देना चाहिए ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह सामाजिक एकता और सादगी का प्रतीक हैं तथा इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
रणधीर सिंह राजावत दहगांव ने कहा कि समाज को दिखावे की संस्कृति से बाहर निकालना आज समय की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि खजूर खर्ची और फिजूलखर्ची जैसी परंपराएं समाज को कमजोर करती हैं।
उन्होंने युवाओं को आधुनिक मुख्यधारा से जोड़ने, शिक्षा और रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने तथा समाज को प्रगति के मार्ग पर ले जाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा केवल परंपरागत सोच तक सीमित न रहें बल्कि आधुनिक शिक्षा, तकनीक और रोजगार के अवसरों की ओर भी बढ़ें। तभी समाज आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बन सकेगा।
सूरज परमार कंजौली ने कहा कि सामाजिक सुधार की शुरुआत गांव स्तर से ही होगी। यदि प्रत्येक गांव में जागरूकता फैलाई जाए तो पूरे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने युवाओं को संगठन से जुड़ने और समाजहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विजय सिंह पीटीआई ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो समाज को नई दिशा प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ कार्य करने से संगठन और समाज दोनों मजबूत होते हैं। उन्होंने युवाओं को खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में आगे आने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान समाज के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें प्रेम सिंह परमार, देवेंद्र, जितेंद्र सिंह, राजकुमार, सूरज परमार, ठाकुर सत्यवीर सिंह, रविंद्र सिंह, शिवसिंह खरैरी, हरि सिंह कैर, राधेश्याम रैवारपुरा, पुष्पेंद्र खरैरी, रामकिशोर, महेश, महावीर सिंह, केदार सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय सिंह सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे।
समारोह के अंत में समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार, सामाजिक सुधार और संगठन की मजबूती का सामूहिक संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने समाज को नशामुक्त, शिक्षित और संगठित बनाने के लिए मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का समापन आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ हुआ।

