भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की | प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और फिनलैंड के बीच व्यापक स्तर पर संवाद और सहयोग देखने को मिला है |
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो पहले भी भारत आ चुके हैं जहां उन्होंने एआई इंपैक्ट सबमिट में भाग लिया था | इस अहम बैठक का उद्देश्य भारत और फिनलैंड के रिश्तों को नई ऊर्जा देना रहा |
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भविष्य की तकनीकी और आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया | इसमें 6G तकनीकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ए आई, शिक्षा परमाणु ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे |
इसके अलावा जलवायु परिवर्तन, सर्कुलर इकोनामी, सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों ने मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई |
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड के बीच बढ़ता सहयोग आने वाले समय में नई संभावनाओं के द्वारा खुलेगा और दोनों देशों की साझेदारी को और मजबूत बनाएगा |
शिक्षा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
भारत और फिनलैंड के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली को दुनिया की सबसे बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों में गिना जाता है। इस बैठक में दोनों देशों ने शिक्षा क्षेत्र में छात्र आदान-प्रदान, रिसर्च प्रोग्राम और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की नई शिक्षा नीति और फिनलैंड की आधुनिक शिक्षा प्रणाली मिलकर वैश्विक शिक्षा मॉडल तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। दोनों देशों ने युवाओं के कौशल विकास और नई तकनीकों पर आधारित शिक्षा को
परमाणु ऊर्जा और सतत विकास पर फोकस
बैठक में परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ और दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण बताया गया। दोनों नेताओं ने ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत इस समय नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है और कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है। वहीं फिनलैंड भी पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल हैं।
दोनों नेताओं ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती को गंभीर बताते हुए कहा कि दुनिया को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा। बैठक में सर्कुलर इकोनॉमी यानी संसाधनों के पुनः उपयोग, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के मॉडल को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
भारत-फिनलैंड व्यापार संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
इस 25 तारीख यह बैठक का असर व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी देखने को मिल सकता है | भारत और फिनलैंड के बीच टेक्नोलॉजी, दूरसंचार, शिक्षा, ऊर्जा और स्टार्टअप सेक्टर में निवेश पढ़ने की संभावना है |
विशेषज्ञों का मानना है कि फिनलैंड की तकनीकी विशेषज्ञ और भारत के विशाल बाजार का संयोजन दोनों देशों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है | भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से मजबूत हो रहा है जबकि फिनलैंड नई तकनीकी और इनोवेशन में अग्रणी है ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्तर पर नई मिसाल बन सकती है |
वैश्विक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी और पेटेरी ओर्पो कि इस मुलाकात में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई | दोनों नेताओं ने लोकतंत्र, शांति, स्थिरता और वैश्विक सहयोग को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया |
भारत लगातार वैश्विक मंचों पर विकासशील देशों की आवाज उठाता रहा है, जबकि फिनलैंड भी मानव विकास और सामाजिक कल्याण के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाता है | दोनों देशों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और तकनीकी साझेदारी के जरिए बेहतर भविष्य बनाने की प्रतिबद्धता जताई |
भविष्य के लिए मजबूत साझेदारी

