आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता संवर्धन, खेल आधारित शिक्षण और अभिभावक सहभागिता पर रहा विशेष फोकस
भरतपुर, 6 अक्टूबर। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित मिशन बुनियाद कार्यक्रम के तहत सितंबर माह में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल (ECCE) के क्षेत्र में किए गए कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
जिला समन्वयक प्राची चौधरी एवं आकाश ने सितंबर माह की प्रगति रिपोर्ट महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक सिकरामाराम चोयल को सौंपी। रिपोर्ट में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता संवर्धन, बच्चों के लिए गतिविधि एवं खेल आधारित शिक्षण, अभिभावक सहभागिता और डिजिटल माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने से जुड़े कार्यों का विवरण दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण
उप निदेशक सिकरामाराम चोयल ने बताया कि सितंबर माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बाल-केंद्रित एवं गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में बच्चों के समग्र विकास से जुड़े पांच विकासात्मक आयामों, खेल आधारित शिक्षण, दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों के प्रभावी संचालन, टीएलएमएस के उपयोग तथा गुणवत्तापूर्ण ECCE सेवाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी गई।
इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को केवल औपचारिक तरीके से पढ़ाने के बजाय खेल, कहानी, कविता और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर उपलब्ध कराना है।
731 आंगनबाड़ी केंद्रों की अभिभावक बैठकों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज
सितंबर माह में अभिभावक सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किया गया। जिले में आयोजित अभिभावक बैठकों के दौरान 731 आंगनबाड़ी केंद्रों से ऑनलाइन फॉर्म सफलतापूर्वक भरे गए।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अभिभावकों के साथ ‘खेल’ विषय पर चर्चा की और आयोजित बैठकों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज की। विभाग के अनुसार इससे न केवल अभिभावकों की सहभागिता बढ़ी, बल्कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी नियमित गतिविधियों में अधिक सक्रिय रूप से जोड़ने में मदद मिली।
कहानी और कविता के माध्यम से बच्चों के विकास पर चर्चा
अमावस्या के अवसर पर आयोजित होने वाली अभिभावक बैठकों को अधिक प्रभावी और उद्देश्यपूर्ण बनाने के लिए 11 सितंबर को यूट्यूब सत्र आयोजित किया गया।
जिला समन्वयक प्राची चौधरी के समन्वय में आयोजित इस सत्र में ‘कहानी एवं कविता’ थीम के माध्यम से बच्चों के सीखने और उनके समग्र विकास में कहानी, कविता तथा खेल आधारित गतिविधियों की उपयोगिता पर चर्चा की गई।
सत्र के दौरान अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने, उनकी जिज्ञासा को प्रोत्साहित करने तथा घर और आंगनबाड़ी केंद्र दोनों स्तरों पर सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए गए।
विजय नगर और रामपुरा के केंद्रों पर सहभागिता
रॉकेट लर्निंग टीम द्वारा जिले के चयनित आंगनबाड़ी केंद्रों विजय नगर और रामपुरा में भी अभिभावकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सहभागिता की गई।
इन बैठकों के दौरान बच्चों की नियमित उपस्थिति, उनकी सीखने की प्रक्रिया में अभिभावकों की भूमिका तथा बच्चों के समग्र विकास के लिए सामुदायिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
अभिभावकों को बताया गया कि छोटे बच्चों के शुरुआती वर्षों में घर का वातावरण और माता-पिता की सहभागिता उनके सीखने, बोलने, समझने और व्यवहारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डिजिटल माध्यम से कार्यकर्ताओं को किया जा रहा सक्रिय
मासिक प्रगति रिपोर्ट में डिजिटल माध्यम के उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से नियमित रूप से जोड़ा गया तथा प्रशिक्षण सामग्री, गतिविधियों के वीडियो और फोटो साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
डिजिटल संवाद के माध्यम से अलग-अलग आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित शैक्षणिक गतिविधियों को साझा करने की प्रक्रिया को मजबूत किया गया। इससे कार्यकर्ताओं को एक-दूसरे की गतिविधियों से सीखने और नए प्रयोग अपनाने का अवसर भी मिल रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार मिशन बुनियाद के अंतर्गत किए जा रहे इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक अवस्था से ही बच्चों को बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराना और आंगनबाड़ी केंद्रों को गतिविधि आधारित प्रारंभिक शिक्षा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करना है।

