महापुरुषों की प्रतिमाओं की सफाई कर किया माल्यार्पण, नागरिकों ने लिया जल बचाने का संकल्प
बयाना, 02 जून (अमन झालानी)। राज्य सरकार के ‘वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान’ के तहत मंगलवार को बयाना नगर पालिका प्रशासन द्वारा कमल हौज बांध पर एक व्यापक श्रमदान, दीपदान और जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति आमजन में जागरूकता फैलाना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल में हुई, जहां नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी, सफाईकर्मी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। सभी ने मिलकर कमल हौज बांध परिसर की साफ-सफाई की और जल स्रोत को स्वच्छ बनाए रखने का संदेश दिया। इस दौरान लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए यह भी कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में जल स्रोतों की सफाई के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र में फैली गंदगी और प्लास्टिक कचरे को भी हटाया गया। श्रमदान में भाग लेने वाले सभी लोगों ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि स्वच्छ जल और स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है।
कार्यक्रम के दौरान दीपदान का आयोजन भी किया गया, जिसमें कमल हौज बांध के किनारे दीप प्रज्वलित कर जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त किया गया। दीपों की रोशनी ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। उपस्थित लोगों ने इसे केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर नगर पालिका की अधिशाषी अधिकारी अनिता कुमारी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आज के समय में जल संकट एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है, ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पानी की एक-एक बूंद का महत्व समझे और उसका विवेकपूर्ण उपयोग करे।
उन्होंने आगे कहा कि नगर पालिका प्रशासन लगातार इस दिशा में प्रयासरत है कि शहर में जल स्रोतों को संरक्षित किया जाए और लोगों को इसके लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे पानी के दुरुपयोग को रोकें और अपने दैनिक जीवन में जल संरक्षण को आदत के रूप में अपनाएं।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में नगर पालिका टीम ने गांधी चौक और अंबेडकर पार्क स्थित महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई की। प्रतिमाओं की सफाई के बाद उन्हें पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया गया और श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को याद किया तथा उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
सफाई अभियान के दौरान यह भी संदेश दिया गया कि सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास सफाई रखे तो शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।
शहरी नरेगा जेईएन कुणाल सिंघल ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर लगातार जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते पर्यावरणीय हालातों को देखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि लोग अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग करें।
उन्होंने यह भी कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। यदि हम अभी से जागरूक नहीं हुए तो आने वाले समय में जल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है।
कार्यक्रम में सफाई निरीक्षक पवन कुमार, कैशियर दीपक गुप्ता सहित नगर पालिका के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस अभियान को सफल बनाया और लोगों को स्वच्छता व जल संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
स्थानीय नागरिकों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समय-समय पर होते रहने चाहिए ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और लोग पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प लिया। दीपदान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसमें पूरे वातावरण में सकारात्मकता और जागरूकता का संदेश फैलता दिखाई दिया।
यह आयोजन न केवल एक सरकारी अभियान का हिस्सा था, बल्कि यह समाज को यह संदेश देने का प्रयास भी था कि जल और पर्यावरण का संरक्षण ही भविष्य की सुरक्षा है।
रिपोर्ट : अमन झालानी, बयाना (सनातनी संत रिपोर्टर सूत्र रिपोर्ट)

