बयाना। सनातनी संत रिपोर्टर
राजस्थान सरकार के प्रशासन गांवों के संग एवं जनसुनवाई अभियान के तहत मंगलवार को बयाना उपखंड क्षेत्र के ग्राम काचेहरा में आयोजित जनसुनवाई शिविर में ग्रामीणों ने क्षेत्र की प्रमुख सड़क के चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने तथा क्षतिग्रस्त मार्ग के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब होने और सड़क संकरी होने के कारण आए दिन जाम व दुर्घटनाओं की समस्या बनी रहती है, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनसुनवाई शिविर में बयाना उपखंड अधिकारी (एसडीएम) , दीपक मित्तल पंचायत समिति के विकास अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि बयाना से महलौनी मार्ग की कुल लंबाई लगभग 6 किलोमीटर है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है और इस पर प्रतिदिन भारी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। सड़क की चौड़ाई कम होने तथा कई स्थानों पर अतिक्रमण होने के कारण यातायात प्रभावित रहता है। इससे आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इस सड़क मार्ग से दमदमा, महलौनी, विराखोरी, इमलिया सहित चार ग्राम पंचायतों के मुख्य गांव जुड़े हुए हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 20 गांवों की आबादी का आवागमन भी इसी मार्ग से होता है। क्षेत्र के विद्यार्थी शिक्षा के लिए तथा आमजन चिकित्सा, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बयाना आते-जाते हैं। इसलिए इस सड़क का महत्व और भी बढ़ जाता है।
ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सड़क आगे चलकर राज्य राजमार्ग-45 से जुड़ती है, जिसके कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण दो बड़े वाहनों के एक साथ निकलने में कठिनाई होती है। कई बार वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और लोगों को घंटों तक जाम में फंसना पड़ता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को अवगत कराया कि सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग मॉर्निंग वॉक के लिए भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क संकरी होने और अतिक्रमण के कारण राहगीरों को सड़क के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों भी इसी मार्ग पर एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी है, जिसके बाद लोगों में सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
ज्ञापन में मांग की गई कि सड़क की पैमाइश कराकर अवैध अतिक्रमण हटाया जाए तथा सड़क का चौड़ीकरण कराया जाए। साथ ही वर्तमान में जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुकी सड़क के पुनर्निर्माण एवं नवीन स्वीकृति की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते सड़क चौड़ीकरण और मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटनाएं होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से जनहित को देखते हुए इस मांग पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
जनसुनवाई शिविर में मौजूद अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त ज्ञापन का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस अवसर पर सरपंच विशाल, अर्जुन दमदमा, सूरज जाटव, डॉ. विनोद, जितेंद्र कुमार सिंह जाटव, वीरभान, इमलिया, राम अवतार, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी, पंचायत समिति के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जनसुनवाई अभियान के माध्यम से उनकी वर्षों पुरानी सड़क संबंधी समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाने से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और आसपास के गांवों के विकास को गति मिलेगी। जनसुनवाई शिविर में उठी यह मांग अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।

