बयाना, भरतपुर। समाज में पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के माध्यम से समाज की आवाज़ शासन-प्रशासन तक पहुँचती है तथा जनहित के मुद्दों को प्रमुखता मिलती है। ऐसे में पत्रकारों के प्रति सम्मान और उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सराहना मिलना न केवल पत्रकारिता जगत के लिए उत्साहवर्धक होता है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश देता है। इसी भावना को साकार करते हुए बयाना की सामाजिक कार्यकर्ता एवं होली एंजेल पब्लिक स्कूल के संचालक ईशु सोनी ने वरिष्ठ पत्रकार, पर्यावरण प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता मुकुट भारद्वाज (हरेकृष्णा) का सरप्राइज जन्मदिन समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया।
यह आयोजन केवल एक जन्मदिन समारोह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पत्रकारिता के प्रति सम्मान और समाज में पत्रकारों की भूमिका को रेखांकित करने वाला प्रेरणादायक कार्यक्रम बन गया। समारोह में बयाना क्षेत्र के कई पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया, जिनका आत्मीय स्वागत और सम्मान किया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के मनोबल को बढ़ाने का कार्य करते हैं।
पत्रकारिता और समाज सेवा का पर्याय हैं हरेकृष्णा
क्षेत्र में हरेकृष्णा के नाम से प्रसिद्ध मुकुट भारद्वाज का जन्म 7 जून 1973 को भरतपुर जिले की दहगांव ग्राम पंचायत खटनावली गांव में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने विज्ञान विषय में स्नातकोत्तर (एमएससी) की उपाधि हासिल की। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को अपना कर्मक्षेत्र चुना और दैनिक नवज्योति से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की ।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी मेहनत, निष्पक्षता और जनसरोकारों के प्रति समर्पण ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। समय-समय पर उन्होंने विभिन्न समाचार संस्थानों के साथ कार्य किया तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रतिष्ठित ऑस्ट्रेलियाई समाचार समूह के साथ जुड़कर अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में वे राजस्थान के प्रमुख समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका और फर्स्ट इंडिया के संवाददाता के रूप में कार्यरत हैं।
हरे कृष्णा की पत्रकारिता की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती है कि वे केवल खबरों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाते हैं। क्षेत्र में भ्रष्टाचार, अव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समस्याओं से जुड़े विषयों पर उनकी लेखनी हमेशा सक्रिय रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि उनकी कलम का उद्देश्य केवल समाचार प्रकाशित करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।
पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित जीवन
पत्रकारिता के साथ-साथ मुकुट भारद्वाज पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। वे वर्षों से पौधारोपण अभियान से जुड़े हुए हैं और हजारों पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे चुके हैं। उनका संकल्प है कि जीवन की अंतिम सांस तक वे पौधारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्य करते रहेंगे।
क्षेत्र के लोग बताते हैं कि हरे कृष्णा केवल पौधे लगाने तक ही सीमित नहीं रहते, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण के लिए भी लगातार प्रयास करते हैं। यही कारण है कि उन्हें एक पत्रकार के साथ-साथ प्रकृति प्रेमी और पर्यावरण प्रहरी के रूप में भी सम्मान प्राप्त है। पर्यावरण के प्रति उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है।
ईशु सोनी की पहल बनी चर्चा का विषय
होली एंजेल पब्लिक स्कूल के संचालक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ईशु सोनी द्वारा आयोजित यह सरप्राइज जन्मदिन समारोह बयाना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम में पत्रकारों, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
ईशु सोनी ने बताया कि पत्रकार समाज और लोकतंत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे जनसमस्याओं को सामने लाते हैं, आम लोगों की आवाज़ बनते हैं और प्रशासन को जवाबदेह बनाने में योगदान देते हैं। ऐसे में पत्रकारों का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। पत्रकार दिन-रात मेहनत करके समाज के हित में कार्य करते हैं। मैंने सोचा कि मुकुट भारद्वाज जी के जन्मदिन को विशेष बनाया जाए और उनके योगदान को सम्मान दिया जाए। इसी भावना से यह सरप्राइज आयोजन किया गया।”
ईशु सोनी ने आगे कहा कि यदि समाज पत्रकारों का सम्मान करेगा तो पत्रकारों का उत्साह और बढ़ेगा तथा वे और अधिक जोश के साथ जनता की समस्याओं को उठाने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के प्रति सम्मान का भाव समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करता है।
पत्रकारों का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि इसमें केवल जन्मदिन मनाने तक ही सीमित न रहकर अन्य पत्रकारों का भी सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया। इससे उपस्थित पत्रकारों ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया। कई वरिष्ठ नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पत्रकारों को अक्सर उनकी जिम्मेदारियों और कार्यों के कारण आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन उनके सकारात्मक योगदान को भी पहचान मिलनी चाहिए।
समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण होते हैं। वे जनहित के मुद्दों को सामने लाकर समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके सम्मान के लिए किए गए प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय हैं।
समाज के लिए प्रेरणादायक संदेश
इस आयोजन ने एक सकारात्मक संदेश दिया कि समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों का सम्मान किया जाना चाहिए। चाहे वह पत्रकार हो, शिक्षक हो, पर्यावरण प्रेमी हो या सामाजिक कार्यकर्ता—उनके योगदान को पहचानना और प्रोत्साहित करना समाज को आगे बढ़ाने का कार्य करता है।
मुकुट भारद्वाज के जन्मदिन पर आयोजित यह समारोह केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं रहा, बल्कि पत्रकारिता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों के प्रति सम्मान का प्रतीक बन गया। ईशु सोनी की इस पहल ने यह संदेश दिया कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित करने से न केवल उनका मनोबल बढ़ता है, बल्कि अन्य लोगों को भी समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
सम्मान, पर्यावरण संरक्षण के संदेश और सामाजिक सौहार्द का सुंदर उदाहरण बनकर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पत्रकारों और समाजसेवियों के प्रति सम्मान की यह भावना निश्चित रूप से आने वाले समय में और अधिक सकारात्मक पहल को जन्म देगी।
खबर: सनातनी संत रिपोर्टर

