राजस्थान के निजी स्कूलों का संकट: 2 साल से बकाया RTE भुगतान, अब आंदोलन की तैयारी
रिपोर्टर: न्यूज़ डेस्क | अपडेटेड: 6 मई, 2026
राजस्थान: प्रदेश के निजी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पढ़ने वाले हजारों बच्चों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। स्कूल शिक्षा परिवार के ब्लॉक अध्यक्ष नीरज कुमार ने हाल ही में खुलासा किया है कि राज्य सरकार ने पिछले दो सत्रों (2024-25 और 2025-26) का पुनर्भरण शुल्क अभी तक जारी नहीं किया है।
प्रशासनिक सुस्ती से बढ़ा आर्थिक बोझ
पत्रकार सुरेंद्र फौजी से बातचीत के दौरान अध्यक्ष ने बताया कि सरकार की इस देरी के कारण स्कूलों का दैनिक संचालन मुश्किल हो गया है। केंद्र सरकार से बजट स्वीकृत होने के बावजूद राज्य स्तर पर फाइलों का अटकना प्रशासन की गंभीरता पर सवाल उठाता है।
- 2 साल का बकाया: सत्र 2024-25 और 2025-26 की फीस अटका।
- वेतन संकट: स्टाफ को सैलरी देना हुआ नामुमकिन।
- आंदोलन: समाधान न होने पर प्रदेश व्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि वे गरीब बच्चों से फीस नहीं वसूलेंगे, लेकिन सरकार की इस बेरुखी के कारण स्कूलों में ताला लगने की नौबत आ गई है। अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस पर कब संज्ञान लेता है।


