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372 लंबित पदों पर नियुक्ति की मांग तेज, 13 दिन बाद खत्म हुआ रीट अभ्यर्थियों का धरना

बयाना में रीट भर्ती 2018 के 372 लंबित पदों को लेकर 13 दिन बाद स्थगित हुआ धरना

एमबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, 23 मई को फिर उठेगा मुद्दा


भरतपुर जिले के बयाना स्थित पीलूपुरा शहीद स्मारक स्थल पर रीट भर्ती 2018 के एमबीसी वर्ग के 372 लंबित पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन शुक्रवार दोपहर स्थगित कर दिया गया। यह आंदोलन पिछले 13 दिनों से लगातार जारी था। आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम दीपक मित्तल को सौंपकर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।

क्या है मामला?
अभ्यर्थियों का कहना है कि गुर्जर आंदोलन के दौरान सरकार ने एमबीसी वर्ग के बैकलॉग के 372 पदों पर भर्ती का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन सात वर्ष बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

अभ्यर्थियों ने ज्ञापन में बताया कि वे पिछले सात वर्षों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे युवाओं में भारी नाराजगी है।

रीट अभ्यर्थी निर्भान महरावर, अरुण तिघरिया और राजवीर सिंह ने बताया कि गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष भूरा भगत की पत्नी के निधन तथा पांचना बांध पर आयोजित होने वाली समाज की महापंचायत के कारण फिलहाल धरना स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

23 मई को फिर उठेगा मुद्दा
अभ्यर्थियों ने बताया कि 23 मई को गुर्जर आरक्षण बलिदान दिवस के अवसर पर पीलूपुरा शहीद स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। इस दौरान रीट भर्ती के लंबित 372 पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा।

धरना स्थल पर एडिशनल एसपी हरिराम कुमावत, बयाना सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह तथा पंचायत समिति के सहायक अभियंता नरेंद्र सिंह गुर्जर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है कि एमबीसी वर्ग के रीट अभ्यर्थी 2 मई से धरना दे रहे थे। आंदोलन के दौरान तीन अभ्यर्थियों ने आमरण अनशन भी शुरू कर दिया था। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में प्रशासन और गुर्जर नेताओं के हस्तक्षेप के बाद चार दिन पश्चात अनशन समाप्त कराया गया।

एसडीएम दीपक मित्तल ने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है, जिसे उच्च अधिकारियों तक भेजा जाएगा।

पढ़ते रहिए — Sanatani Sant Reporter

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