सिस्टम की लापरवाही: बयाना का ऐतिहासिक ‘जहांगीर दरवाजा’ बना डंपिंग यार्ड, ASI की चेतावनी भी प्रशासन के लिए बेअसर
स्मारक के ऊपर झूलती बिजली की लाइनें और भारी ट्रकों का कब्जा; क्या धरोहर के गिरने का इंतज़ार कर रहा है प्रशासन?
बयाना (भरतपुर)। राजस्थान के भरतपुर जिले का ऐतिहासिक कस्बा बयाना, जो अपनी प्राचीन सभ्यता और मुगलकालीन इमारतों के लिए जाना जाता है, आज अपनी एक प्रमुख धरोहर को खोने की कगार पर है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आने वाला ‘जहांगीर दरवाजा’ वर्तमान में प्रशासनिक अनदेखी और स्थानीय लापरवाही का केंद्र बन गया है। ऐतिहासिक पत्थरों के बीच से गुजरती बिजली की नंगी लाइनें और धरोहर की दीवारों से सटकर खड़े भारी वाहन इसके अस्तित्व को रोज़ाना चुनौती दे रहे हैं।
“हमने कई बार संबंधित विभाग, स्थानीय प्रशासन और अपने उच्च अधिकारियों को इस बदतर स्थिति से अवगत करा दिया है। हमारी तरफ से बार-बार पत्राचार के माध्यम से वस्तुस्थिति स्पष्ट की जा चुकी है, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं होती, इस विषय में मैं कुछ कह नहीं सकता। हमारी ओर से हम कई बार मुक्त (सूचित) कर चुके हैं, अब ढिलाई कहाँ है और कार्रवाई क्यों रुकी है, यह हम नहीं बता सकते।”
धरोहर संरक्षण: क्या कहते हैं ASI के कड़े नियम?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन आने वाले स्मारकों की सुरक्षा के लिए ‘प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल अवशेष अधिनियम 1958’ के तहत कड़े कानून बनाए गए हैं। इन नियमों का उल्लंघन करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि इसमें जेल और जुर्माने का भी प्रावधान है:
| नियम का प्रकार | क्षेत्र का दायरा | कानूनी पाबंदी |
|---|---|---|
| निषिद्ध क्षेत्र | स्मारक से 100 मीटर | इस दायरे में किसी भी तरह का नया निर्माण, खनन या भारी वाहनों का स्थायी ठहराव पूरी तरह प्रतिबंधित है। |
| विनियमित क्षेत्र | अगले 200 मीटर | इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण या मरम्मत के लिए केंद्र सरकार/ASI से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है। |
| सुरक्षा मानक | स्मारक परिसर | ऐतिहासिक ढांचे को नुकसान पहुँचाने वाले बिजली के तार, विज्ञापन होर्डिंग्स और अवैध अतिक्रमण हटाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। |
प्रमुख खतरे: जो विनाश का कारण बन सकते हैं
- वाइब्रेशन का खतरा: भारी ट्रकों के इंजन और आवाजाही से होने वाले कंपन के कारण प्राचीन पत्थरों की पकड़ ढीली हो रही है।
- शॉर्ट-सर्किट का डर: बिजली की लाइनें स्मारक के बेहद करीब हैं, जिससे कभी भी आगजनी या पत्थरों के चटकने का खतरा बना रहता है।
- अतिक्रमण: कचरा ढोने वाली गाड़ियाँ और अवैध पार्किंग ने इस पर्यटन स्थल की सुंदरता को खत्म कर दिया है।
निष्कर्ष: बयाना का जहांगीर दरवाजा केवल एक पत्थर की इमारत नहीं, बल्कि हमारा गौरवशाली इतिहास है। एएसआई कर्मचारी के खुलासे ने यह साबित कर दिया है कि फाइलें प्रशासन के दफ्तरों में दबी हुई हैं। यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों को नहीं रोका गया, तो बयाना की यह पहचान हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दब जाएगी।


