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ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: बयाना के सिकंदरा में सैकड़ों किसानों का विरोध, जानें क्या हैं प्रमुख मांगें

"जान दे देंगे, जमीन नहीं देंगे!" ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा #latestnews

बयाना: “खेत और घर उजड़ जाएंगे”—ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेसवे के खिलाफ सिकंदरा में भारी विरोध, SDM को ज्ञापन

बयाना/सिकंदरा। बयाना उपखंड के ग्राम सिकंदरा (नहरली) में आयोजित जनसुनवाई में ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में सैकड़ों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। उपजिलाधीश (SDM) को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने इस प्रोजेक्ट को किसानों के वजूद पर हमला बताया और इसे तुरंत रद्द करने की मांग की।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में तीखी बहस

सिकंदरा पंचायत में आयोजित इस जनसुनवाई में प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे:

  • दीपक मित्तल: उपखंड अधिकारी (SDM), बयाना।
  • रामावतार गुर्जर: परियोजना निदेशक (PD), पीडब्ल्यूडी (PWD)।
  • RSRTC अधिकारी: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के प्रतिनिधि।

ज्ञापन में दर्ज ग्रामीणों की 6 बड़ी आपत्तियां

  1. अलाइनमेंट में बदलाव: ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व में सर्वे नदी के दूसरी पार हुआ था, लेकिन अब जानबूझकर उसे मोड़कर गांवों की तरफ लाया गया है।
  2. आजीविका का संकट: इस अधिग्रहण से फसलों का पूर्ण रूप से नुकसान होगा और भूमि की उत्पादन क्षमता खत्म हो जाएगी।
  3. गांवों का घेराव: एक तरफ पहाड़, दूसरी तरफ रेलवे लाइन और तीसरी तरफ नदी है; एक्सप्रेसवे बनने से आबादी पूरी तरह तबाह हो जाएगी।
  4. पीढ़ियों की बर्बादी: एक्सप्रेसवे की चपेट में घर और खेत दोनों आ रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियां भूमिहीन हो जाएंगी।
  5. सड़कों का मकड़जाल: विकास के नाम पर सड़कों का ऐसा मकड़जाल बुना जा रहा है जो किसानों के हित में नहीं है।
  6. पूंजीपतियों का लाभ: ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि यह अधिग्रहण कुछ उद्योगपतियों के फायदे के लिए किया जा रहा है।

सैकड़ों ग्रामीणों की एकजुटता

जनसुनवाई में बंटी सरपंच (सिकंदरा), भूरी नेताजी, नंदराम, लक्ष्मण, श्रीभान, कमल, परमानंद, दामो और फौजी भाइयों सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने शिरकत की। ज्ञापन पर सीताराम, परमानंद, दामोदर, विजय सिंह, श्यामलाल, वीरेंद्र सिंह जैसे दर्जनों किसानों के हस्ताक्षर उनकी नाराजगी को स्पष्ट करते हैं। किसानों ने प्रशासन से दोटूक कहा कि वे किसी भी मुआवजे या विकल्प के बदले अपनी जमीन नहीं देंगे।

विशेष जानकारी: क्या है ब्यावर-भरतपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे?

लंबाई: लगभग 342 किलोमीटर प्रस्तावित।

उद्देश्य: पश्चिमी राजस्थान (अजमेर) को पूर्वी राजस्थान (भरतपुर/आगरा) से सीधा जोड़ना।

प्रभावित जिले: अजमेर, टोंक, जयपुर (ग्रामीण), दौसा और भरतपुर।

भरतपुर के प्रभावित गांव: सिकंदरा (नहरली), रसेरी, कारबारी, मुआवली, समोगर, धुरेरी, डुमरिया, पट्टी शहजाद, शेरगढ़, चहल, सिंघनखेड़ा और सिंघारा आदि।

*यह “ग्रीनफील्ड” प्रोजेक्ट होने के कारण बिल्कुल नए रास्ते (खेतों) से बनाया जा रहा है।*

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