बयाना रीको में दबंगों का कब्जा !
डर के माहौल में कोई बोलने को तैयार नहीं, आखिर प्रशासन अब तक क्यों नहीं हुआ अवगत ?
बयाना/भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना उपखंड स्थित रीको औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव और अवैध कब्जों का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई फैक्ट्रियों तक पहुंचने वाले रास्ते बंद हो गए हैं और उद्योगों पर ताले लगने का खतरा मंडराने लगा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई जा रही है कि दबंगों के डर और बैक के कारण कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है, जिससे सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासन अब तक इस पूरे मामले से अवगत क्यों नहीं हुआ?
स्थानीय लोगों और उद्यमियों का आरोप है कि कस्बे और भीमनगर पहरिया बस्ती की ओर से आने वाले पानी की निकासी के प्राकृतिक रास्तों को अवैध रूप से बंद कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कुछ दबंग लोगों ने रीको के आईआईडी सेंटर क्षेत्र की सड़क पर सिल्ट और मिट्टी डालकर मेंड बना दी, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह ठप हो गई और पूरा इलाका स्थायी जलभराव की चपेट में आ गया।
स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि कई जगह महीनों से पानी जमा है और उसमें जलकुंभी तक उग आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो हालात इतने खराब नहीं होते। लोगों का आरोप है कि अवैध कब्जे और रास्ता रोकने जैसी गतिविधियां खुलेआम हो रही हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में दबंगों के हौसले बुलंद हैं।
उद्योग संचालकों का कहना है कि करोड़ों रुपये का निवेश खतरे में है। फैक्ट्रियों तक कर्मचारियों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो चुकी है, जिससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। कई उद्यमी खुलकर सामने आने से बच रहे हैं और नाम न छापने की शर्त पर ही अपनी पीड़ा बता रहे हैं।
रीको क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश वर्मा का बयान: रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक नरेश वर्मा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और इस संबंध में रीको अध्यक्ष से भी बातचीत हो चुकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ दबंगों द्वारा रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे जल निकासी प्रभावित हुई है। नरेश वर्मा ने कहा कि प्रशासन को साथ लेकर जल्द रास्ता खुलवाया जाएगा। उन्होंने इसे सीधे तौर पर “लॉ एंड ऑर्डर को चुनौती” बताया और कहा कि किसी भी हालत में औद्योगिक क्षेत्र को बाधित नहीं होने दिया जाएगा।
अब क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से बंद किए गए निकासी मार्गों को तत्काल खुलवाया जाए, कब्जाधारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और रीको क्षेत्र को जलभराव से मुक्त कराने के लिए स्थायी योजना लागू की जाए।

