नगर गौरव समाचार
बयाना का नाम बदलकर ‘श्रीपथ नगर’ करने की मांग: डॉ. शैलेंद्र गुर्जर ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
महर्षि पाणिनि की ‘अष्टाध्यायी’ और पौराणिक इतिहास का हवाला देकर प्राचीन गौरव लौटाने की अपील।
बयाना। राजस्थान के भरतपुर जिले के ऐतिहासिक कस्बे बयाना के प्राचीन गौरव को पुनः स्थापित करने के लिए एक बड़ी मांग उठी है। नगर पालिका पार्षद और अखिल भारतीय वीर गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शैलेंद्र रामस्वरूप गुर्जर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर बयाना का नाम संशोधित कर ‘श्रीपथ नगर’ करने का आग्रह किया है।
पुरातन साक्ष्यों का दिया हवाला:
- हजारों वर्ष पूर्व महर्षि पाणिनि ने ‘अष्टाध्यायी’ में इसे ‘श्रीपथ’ नाम दिया था।
- यह क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण और बाणासुर के युद्ध का साक्षी रहा है।
- उषा-अनिरुद्ध की अमर प्रेम गाथा और विजय मंदिर गढ़ किला यहाँ की पहचान हैं।
- राणा सांगा और बाबर के बीच हुए प्रथम युद्ध की गौरवगाथा यहाँ अंकित है।
नाम के पीछे का अर्थ और भाषा विज्ञान
ज्ञापन में डॉ. गुर्जर ने बयाना शब्द के वर्तमान प्रयोग को सनातन संस्कृति के प्रतिकूल बताया है। उन्होंने दोनों शब्दों के भाषाई अर्थ को विस्तार से समझाया:
‘बयाना’ (वर्तमान नाम)
भाषा: अरबी / उर्दू
अर्थ: व्यापार में दी जाने वाली ‘अग्रिम राशि’ या टोकन मनी। यह एक व्यावसायिक शब्द है जिसका ऐतिहासिक या आध्यात्मिक महत्व नहीं है।
‘श्रीपथ’ (प्रस्तावित नाम)
भाषा: संस्कृत
अर्थ: ‘श्री’ (लक्ष्मी/समृद्धि) + ‘पथ’ (मार्ग)। अर्थात वह नगर जो वैभव और सनातन धर्म की राह पर ले जाता है।
डॉ. गुर्जर ने विश्वास जताया है कि मुख्यमंत्री जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस बजट में बयाना का नाम बदलकर ‘श्रीपथ नगर’ करने की घोषणा करेंगे। इस ज्ञापन की प्रतियाँ जिला कलेक्टर भरतपुर को भी भेजी गई हैं।


