
मीडिया के सहारे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, घुनैनी गांव की समस्याओं को उठाया
भरतपुर, बयाना। राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना उपखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत थाना डांग के गांव घुनैनी में लंबे समय से चली आ रही विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तैयार कर सनातनी संत रिपोर्टर को सौंपा तथा मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी गांव कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है, जिसके कारण लोगों को प्रतिदिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली तथा वन्यजीवों से सुरक्षा जैसी अनेक समस्याएं वर्षों से बनी हुई हैं, लेकिन संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों द्वारा इन पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने सरकार से शीघ्र कार्रवाई कर समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
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पेयजल संकट बना ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता
ग्रामीणों के अनुसार गांव में सबसे गंभीर समस्या पेयजल की है। गांव में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव में प्रस्तावित पानी की टंकी का निर्माण कराया जाए तो काफी हद तक जल संकट का समाधान हो सकता है। वर्तमान में कई परिवारों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी झेलनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी के मौसम में स्थिति और भी विकट हो जाती है। कई बार घंटों इंतजार करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से गांव में शीघ्र जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने तथा नई पानी की टंकी का निर्माण कराने की मांग की है।
जीएसएस की दूरी के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया है। उनका कहना है कि गांव से संबंधित जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) काफी दूर स्थित है, जिसके कारण बिजली आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पाती। लाइन लंबी होने से बार-बार फॉल्ट आते हैं और कई बार घंटों तक बिजली बाधित रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गांव के नजदीक नया जीएसएस स्थापित किया जाए तो बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकता है। इससे किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
सड़क निर्माण की मांग वर्षों से अधूरी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई संपर्क मार्ग आज भी बदहाल स्थिति में हैं। कुछ स्थानों पर सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जबकि कई रास्तों पर आज तक पक्की सड़क नहीं बन सकी है। बरसात के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कें किसी भी गांव के विकास की रीढ़ होती हैं, लेकिन घुनैनी गांव में इस दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं हुआ है। उन्होंने सरकार से गांव के प्रमुख मार्गों का निर्माण एवं मरम्मत कराने की मांग की है ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सके।
स्कूल को उच्च स्तर पर क्रमोन्नत करने की मांग
शिक्षा के क्षेत्र में भी ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि गांव के विद्यालय को उच्च माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत किया जाना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था के कारण उच्च कक्षाओं की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों को दूसरे गांवों और कस्बों में जाना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विशेष रूप से छात्राओं को शिक्षा जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि गांव में ही उच्च कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो शिक्षा का स्तर बेहतर होगा और ड्रॉपआउट की समस्या भी कम होगी।
स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव, मरीजों को तय करनी पड़ती है लंबी दूरी
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को भी गंभीर समस्या बताया है। ज्ञापन में गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्थापित करने की मांग की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी बीमारी या आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक जाना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि कई बार मरीजों को लगभग 20 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है। गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। ग्रामीणों ने सरकार से गांव में स्वास्थ्य केंद्र खोलने तथा नियमित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
पशु चिकित्सालय की आवश्यकता
घुनैनी गांव मुख्य रूप से कृषि और पशुपालन पर आधारित क्षेत्र है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में पशु चिकित्सालय खोलने की भी मांग रखी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशुपालक रहते हैं, लेकिन पशुओं के इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
बीमार पशुओं को दूर ले जाना पड़ता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में पशु चिकित्सालय खुलने से पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी और पशुधन की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।गौशाला निर्माण की मांग
गौशाला निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने गांव में गौशाला निर्माण की मांग भी की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में निराश्रित और आवारा पशु घूमते रहते हैं, जो किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। यदि गौशाला का निर्माण हो जाए तो इन पशुओं को सुरक्षित स्थान मिल सकेगा और किसानों को राहत मिलेगी।
ग्रामीणों का मानना है कि गौशाला निर्माण से पशु संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा।
वन्यजीवों के आतंक से ग्रामीण परेशान
ज्ञापन में सबसे गंभीर मुद्दों में से एक वन्यजीवों के बढ़ते आतंक का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की संख्या बढ़ने से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार तेंदुए, सियार तथा अन्य जंगली जीवों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। कई बार ये जानवर गांव के आसपास पहुंच जाते हैं और पालतू पशुओं को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुत्तों, बकरियों तथा अन्य पशुओं पर हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। शाम ढलने के बाद लोग घरों से बाहर निकलने में डर महसूस करते हैं। उन्होंने वन विभाग और प्रशासन से प्रभावी कदम उठाकर ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मीडिया को बनाया अपनी आवाज
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं मिला। इसी कारण उन्होंने मीडिया के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेंगे तथा शीघ्र समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। उनका कहना है कि गांव के विकास और आमजन की सुविधा के लिए इन मांगों पर जल्द कार्रवाई होना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री से की त्वरित कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि गांव की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान कराया जाए। उन्होंने पेयजल व्यवस्था, बिजली सुधार, सड़क निर्माण, विद्यालय क्रमोन्नति, स्वास्थ्य केंद्र, पशु चिकित्सालय, गौशाला निर्माण तथा वन्यजीवों से सुरक्षा संबंधी मांगों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन समस्याओं का समाधान हो जाता है तो घुनैनी गांव के विकास को नई दिशा मिलेगी और ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर होगा। अब गांव के लोगों की निगाहें सरकार और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

