बयाना, 02 जून (अमन झालानी)। सदर थाना क्षेत्र के गांव अगावली स्थित शिवालिक सिलिका क्रेशर प्लांट पर कथित रंगदारी वसूली को लेकर कर्मचारियों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद प्लांट कर्मचारियों में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया। प्लांट प्रबंधन की ओर से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा एक आरोपी को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार अगावली स्थित शिवालिक सिलिका क्रेशर प्लांट के मैनेजर बैद्यनाथ चौधरी ने सदर थाना पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में बताया गया कि 30 मई की रात करीब 9:45 बजे प्लांट कर्मचारी संजय तिवारी प्लांट परिसर में बनी रसोई में भोजन कर रहे थे। इसी दौरान गांव अगावली निवासी गीतम गुर्जर तथा तालिमपुर निवासी रवि गुर्जर वहां पहुंचे। आरोप है कि दोनों युवक बिना किसी कारण रसोई में घुस गए और वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
शिकायत के अनुसार विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कर्मचारी संजय तिवारी और बहादुर करण गिरी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दोनों ने कर्मचारियों को थप्पड़, लात-घूंसों और धक्का-मुक्की कर घायल कर दिया। इस दौरान प्लांट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों के शोर मचाने पर कंपनी स्टाफ के अन्य सदस्य सुकांत नायक, रामकिशोर मीना और देवेंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचे तथा बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। कर्मचारियों का कहना है कि घटना के समय वे अपने नियमित कार्यों में व्यस्त थे और अचानक हुए इस घटनाक्रम से सभी घबरा गए।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय दोनों आरोपी कर्मचारियों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देकर गए। आरोपियों ने कथित रूप से कहा कि यदि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई कराई गई तो वे किसी दिन पत्थरों से हमला कर कर्मचारियों की हत्या कर देंगे। इस धमकी के बाद कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
शिकायत के अनुसार पहली घटना के करीब तीन घंटे बाद रात लगभग 12:30 बजे दोनों आरोपी एक बार फिर क्रेशर प्लांट पर पहुंच गए। उस समय प्लांट के हॉपर क्षेत्र में इंचार्ज आर.डी. सिंह राजपूत, संजय तिवारी और राकेश कुमार मेंटेनेंस कार्य में लगे हुए थे। आरोप है कि दोनों युवकों ने वहां पहुंचकर फिर से हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कर्मचारियों के कमरों के दरवाजों पर लातें मारीं और बहादुर करण गिरी को बाहर निकालने का प्रयास किया। देर रात हुए इस घटनाक्रम से प्लांट परिसर में मौजूद कर्मचारी एक बार फिर भयभीत हो गए।
शोर-शराबा सुनकर रामकिशोर मीना, अनिल तिवारी, सुकांत नायक सहित अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला कुछ शांत हुआ, लेकिन आरोप है कि इसी दौरान दोनों आरोपियों ने प्लांट इंचार्ज आर.डी. सिंह राजपूत को धमकाते हुए कहा कि प्लांट मालिक तक उनका संदेश पहुंचा दिया जाए।
रिपोर्ट में दर्ज आरोपों के अनुसार आरोपियों ने कहा कि प्लांट का संचालन जारी रखना है तो हर महीने 50 हजार रुपये देने होंगे। यह रकम कथित रूप से वसूली अथवा चौथ के रूप में मांगी गई। आरोपियों ने यह भी धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो प्लांट मालिक को गोली मार दी जाएगी और प्लांट का संचालन बंद करा दिया जाएगा। इस कथित धमकी को गंभीरता से लेते हुए प्लांट प्रबंधन ने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।
घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मारपीट, आपराधिक धमकी, जबरन वसूली की मांग तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है। घायल कर्मचारी बहादुर करण गिरी का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिससे चोटों की पुष्टि की जा सके।
मामले की जांच हैड कांस्टेबल लाखन सिंह को सौंपी गई है। जांच अधिकारी घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों द्वारा कथित रूप से की गई रंगदारी की मांग के पीछे क्या कारण थे और क्या इससे पहले भी इस प्रकार की कोई घटना हुई थी।
सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई। पुलिस ने एक आरोपी रवि गुर्जर को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरे आरोपी गीतम गुर्जर की तलाश जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि एफआईआर में दर्ज तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है तथा जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना के बाद क्रेशर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों और प्रबंधन में चिंता का माहौल है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, धमकी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है।

