छतरपुर ( मध्य प्रदेश ) छतरपुर जिले की लवकुश नगर थाना क्षेत्र के गिलोहा गांव से लापता हुई युवती प्रतिमा यादव का मामला उस समय बेहद भावपूर्ण हाई वोल्टेज ड्रामे में बदल गया जब वह ऐसी कार्यालय में अपना बयान दर्ज करने पहुंची |
रिश्तों को तार-तार करने वाली कहानी
मीडिया की जानकारी के अनुसार 2 अप्रैल को प्रतिमा यादव के लापता होने की शिकायत उसके परिजनों ने दर्ज कराई थी | परिजनों का आरोप है की युवती को उनके ही रिश्ते का चाचा धर्मेंद्र यादव बहला-फुसलाकर भाग ले गया था बाद में दोनों ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी जारी किए थे जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया |
यहाँ सोचने वाली बात यह है एक चाचा क्योंकि रिश्ते में पिता तुल्य होता है उसकी सोच समझ कहां चली गई थी उसने इस घिनोने कृत्य को अंजाम दिया | यहाँ एक साथ कई प्रश्न खड़े हो जाते हैं, जो हमारी पीढियों के भविष्य को बेहद ही चिंताजनक हैं |
माता-पिता अपनी संतान को किस तरह से पालते हैं ? कितने कष्ट झेलते हैं उनकी भावनाएं, उनके सपने अपनी संतान से जुड़े हुए होते हैं मगर दुर्भाग्य इस देश का क़ानून इन सब बातों के मायने न रखकर अलग ही फैसला देता है. |
बेहद भावुक करने वाला पल
जब युवती एसपी ऑफिस पहुंची, तभी उसके माता-पिता भी वहां पहुंच गए। बेटी को सामने देखकर मां-बाप भावुक हो गए और रो-रोकर उससे घर लौटने की गुहार लगाने लगे। पिता और मां बार-बार हाथ जोड़कर बेटी को समझाने की कोशिश करते रहे कि वह एक बार घर लौट आए और उनके बारे में सोचे।
लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवती अपने फैसले पर अडिग रही और माता-पिता से दूरी बनाए रखी। बताया जा रहा है कि वह वहां से अपनी गाड़ी की ओर गई और कार का दरवाजा बंद कर चली गई। इस दौरान माता-पिता वहीं रोते-बिलखते रह गए और बेटी को रोकने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह नहीं रुकी।
इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। एक तरफ माता-पिता की बेबसी और आंसू थे, तो दूसरी तरफ युवती का अपना निर्णय था।
फिलहाल यह मामला पुलिस जांच में है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।
यह एक खबर ही नहीं सोचने वाला विषय भी है, आप इस खबर के बारे में क्या सोचते हैं और क्या सोचते हैं इस विषय पर कमेंट अवश्य लिखें |
हम भारत के संविधान का फैसला स्वीकार करते हुए उसके नियम कानून के प्रति प्रतिबद्ध है लेकिन जब समाज में नैतिक पतन होने लगे और आजादी के नाम पर लोग एक दूसरे की भावनाओं से खेलने लगें तो उसके लिए कुछ न कुछ क़ानून संविधान में और बनाने चाहिए |
प्राप्त जानकारी सोशल मीडिया एवं मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है अंतिम निर्णय जांच एजेंसियां एवं न्यापालिका का होगा |

