मौरोली कलां में उचित मूल्य दुकानदार पर रसद विभाग की कार्रवाई, एक हजार रुपये की प्रतिभूति राशि भी जब्त; लाभार्थियों को निकटवर्ती दुकान से जोड़ा
भरतपुर, 7 अक्टूबर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन वितरण में अनियमितता और स्टॉक में 38.54 क्विंटल गेहूं कम मिलने पर रसद विभाग ने मौरोली कलां के उचित मूल्य दुकानदार के विरुद्ध कार्रवाई की है। जिला रसद अधिकारी, भरतपुर प्रथम ने ग्राम पंचायत मौरोली कलां, तहसील भरतपुर के दुकानदार भरत सिंह की दुकान कोड संख्या 18252 का प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही जमा कराई गई एक हजार रुपये की प्रतिभूति राशि भी राजपक्ष में जब्त की गई है।
पीओएस में 59.29 क्विंटल स्टॉक, मौके पर मिला 20.75 क्विंटल
जिला रसद अधिकारी कुशाल बिलाला ने बताया कि विभागीय जांच एवं आकस्मिक निरीक्षण के दौरान दुकान के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जांच की गई। पीओएस मशीन में 59.29 क्विंटल गेहूं का स्टॉक दर्ज था, जबकि भौतिक सत्यापन में मौके पर केवल 20.75 क्विंटल गेहूं उपलब्ध मिला।
इस तरह मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध गेहूं के बीच 38.54 क्विंटल यानी 3,854 किलोग्राम का अंतर पाया गया। विभाग के अनुसार, दुकानदार इस अनियमितता के संबंध में कोई संतोषप्रद स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सका।
स्टॉक और मूल्य सूची बोर्ड भी नहीं मिला
निरीक्षण के दौरान दुकान पर स्टॉक एवं मूल्य सूची बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। विभागीय जानकारी के अनुसार, दुकानदार ने जांच के समय प्राधिकार पत्र और प्राधिकृत वितरण स्थल का नक्शा भी प्रस्तुत नहीं किया।
रसद विभाग ने इन कमियों और गेहूं के स्टॉक में मिले अंतर को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की है।
वर्ष 2024 में भी गेहूं कम मिलने पर दी गई थी चेतावनी
जिला रसद अधिकारी ने बताया कि संबंधित दुकानदार के विरुद्ध पहले भी अनियमितता सामने आ चुकी है। वर्ष 2024 में 72.77 क्विंटल गेहूं कम पाए जाने पर उसे सख्त चेतावनी दी गई थी।
विभाग के अनुसार, पूर्व में चेतावनी दिए जाने के बावजूद दोबारा गंभीर अनियमितता मिलने पर राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं (वितरण विनियमन) आदेश, 1976 के प्रावधानों के तहत प्राधिकार पत्र निरस्त करने और प्रतिभूति राशि जब्त करने का निर्णय लिया गया।
राशनकार्ड धारकों को दूसरी दुकान से जोड़ा
मौरोली कलां क्षेत्र के पात्र राशनकार्ड धारकों को खाद्यान्न लेने में परेशानी न हो, इसके लिए उन्हें निकटवर्ती उचित मूल्य दुकान से संबद्ध किया गया है। विभाग ने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं को राशन का निर्बाध वितरण सुनिश्चित करना है।
हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्ति में संबद्ध की गई दुकान का नाम और स्थान नहीं बताया गया है। संबंधित लाभार्थी अपनी नई वितरण दुकान की जानकारी रसद विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।
राशन वितरण की नियमित निगरानी
कुशाल बिलाला ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पात्र लाभार्थियों के राशन में अनियमितता, कालाबाजारी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही है। जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्रोत: उपलब्ध कराई गई विभागीय प्रेस विज्ञप्ति। खबर में उल्लिखित जांच निष्कर्ष और कार्रवाई रसद विभाग के अनुसार हैं। संबंधित दुकानदार का पक्ष विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।

