जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने आमजन से की सहयोग की अपील, बोले-” जनगणना से तय होती है भविष्य की योजनाएं”
जिला कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने भरतपुर जिले की जनता से जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है | उन्होंने कहा है कि भारत की जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती पर नहीं, बल्कि यह देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की आधारशिला है | उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 की प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना का फील्ड कार्य 16 में 2026 से प्रारंभ हो चुका है जो 16 जून 2026 तक चलेगा इस दौरान नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइजर घर घर जाकर आवश्यक जानकारियां एकत्रित करेंगे |
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जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह कार्य केवल भरतपुर जिले में ही नहीं बल्कि पूरे राजस्थान सहित देशभर में प्रारम्भ किया गया है। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जनगणना कर्मचारी जब घर पर आएँ तो उन्हें सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएँ, क्योंकि यही आंकड़े आने वाले वर्षों की सरकारी योजनाओं का आधार बनते हैं।
कहाँ होगी व्यक्ति की गणना, इस पर दिया विशेष स्पष्टीकरण
कलेक्टर कमर उल जमान चौधरी ने बताया कि फील्ड कार्य के दौरान सबसे अधिक प्रश्न इस बात को लेकर सामने आ रहे हैं कि किसी व्यक्ति की गणना कहाँ की जाएगी। इस संबंध में केंद्र सरकार और जनगणना विभाग के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि जिस व्यक्ति का निवास किसी स्थान पर एक वर्ष या उससे अधिक समय तक रहेगा, उसकी गणना उसी स्थान पर की जाएगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि यदि कोई युवक नौकरी के लिए दूसरे शहर में रह रहा है तो उसकी गणना उसके कार्यस्थल पर होगी। इसी प्रकार यदि कोई छात्र पढ़ाई के लिए किसी अन्य जिले या राज्य में रह रहा है तो उसकी गणना वहीं की जाएगी जहाँ वह वर्तमान में निवास कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक क्षेत्र की वास्तविक आबादी के अनुसार योजनाएँ बनाई जा सकें।
जनगणना क्यों है महत्वपूर्ण
जनगणना भारत सरकार द्वारा हर दस वर्ष में कराई जाने वाली सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इससे देश की कुल जनसंख्या, पुरुष-महिला अनुपात, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवासीय स्थिति, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों सहित अनेक महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त होती हैं। इन आंकड़ों के आधार पर सरकारें नई सड़कें, स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की योजनाएँ तैयार करती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी क्षेत्र की जनसंख्या सही तरीके से दर्ज नहीं होती है तो वहाँ भविष्य में मिलने वाले संसाधनों और सरकारी योजनाओं पर भी असर पड़ सकता है। यही कारण है कि जनगणना को लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
घर-घर पहुँच रहे हैं प्रगणक
जनगणना विभाग द्वारा नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइज़र निर्धारित प्रारूप के अनुसार प्रत्येक घर का विवरण दर्ज कर रहे हैं। इसमें मकान की स्थिति, उसमें रहने वाले लोगों की संख्या, परिवार की संरचना, शिक्षा, रोजगार और अन्य मूलभूत जानकारियाँ शामिल की जा रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार सभी जनगणना कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे सही तरीके से डेटा संकलन कर सकें। जनगणना प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है।
कानूनी दायित्व भी है सही जानकारी देना
जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना के दौरान सही जानकारी देना प्रत्येक नागरिक का कानूनी दायित्व है। गलत या अधूरी जानकारी भविष्य में योजनाओं के निर्माण को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी प्रकार की भ्रांति में न आएँ और जनगणना कर्मचारियों को पूरा सहयोग दें।
उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े गोपनीय रखे जाते हैं और उनका उपयोग केवल सरकारी नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण में किया जाता है। किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती।
भविष्य की योजनाओं का आधार बनेगी जनगणना 2027
विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले वर्षों में भारत की बढ़ती आबादी और बदलती सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए जनगणना 2027 बेहद महत्वपूर्ण होगी। इससे यह पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में कितनी आबादी बढ़ी है, कहाँ रोजगार और शिक्षा की आवश्यकता अधिक है तथा किन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास के अंतर को समझने में भी जनगणना की बड़ी भूमिका होती है। सरकारें इन्हीं आंकड़ों के आधार पर बजट आवंटन और नई परियोजनाओं की योजना बनाती हैं।
आमजन से सहयोग की अपील
अंत में जिला कलेक्टर कमल चौधरी ने भरतपुर जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना केवल सरकारी कार्य नहीं बल्कि जनभागीदारी का महाअभियान है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का सहयोग देश और समाज के विकास में योगदान देगा।
उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि
” आइए , हम सभी मिलकर जनगणना से जनकल्याण के इस महा अभियान को सफल बनायें , ताकि सही आंकडों के आधार पर भविष्य की योजनायें तैयार हो सकें |”

