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पुलिस की सख्त कार्रवाई और चालानों के बावजूद सड़क किनारे खड़े हो रहे भारी वाहन, हादसों का बढ़ा खतरा

बयाना के पंचायत समिति–भीमनगर रोड पर रीको इंडस्ट्रीज के सामने ट्रांसपोर्टों के आसपास खड़े ट्रकों से स्थानीय लोग परेशान; सुबह महिला हुई घायल, थाना प्रभारी बोले—फिर करेंगे सख्त कार्रवाई

बयाना। पुलिस की ओर से कई बार सख्त कार्रवाई, चालान और ट्रांसपोर्ट संचालकों को समझाइश दिए जाने के बावजूद बयाना के पंचायत समिति–भीमनगर रोड पर रीको इंडस्ट्रीज के सामने और आसपास के क्षेत्र में सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े होने की समस्या बनी हुई है। सड़क के दोनों ओर ट्रांसपोर्ट से जुड़े भारी वाहनों और ट्रकों के खड़े रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

मौके से सामने आई तस्वीरों में भी सड़क के किनारे कई भारी वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं। एक ओर सड़क पर सामान्य यातायात चल रहा है, वहीं दूसरी ओर किनारों पर ट्रक खड़े नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार सड़क किनारे इस तरह भारी वाहन खड़े होने से वाहन चालकों को पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती और सामने से आने वाले वाहनों को देखने में भी परेशानी होती है।

सुबह महिला हुई दुर्घटना में घायल, अस्पताल में उपचार जारी

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स्थानीय लोगों के अनुसार शुक्रवार सुबह इसी मार्ग पर एक महिला शिक्षका अर्चना कुमारी, पत्नी संजय पाराशर, हरमुख नगर, संपत पैलेस। सड़क दुर्घटना में घायल हो गई। महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल की तस्वीर में महिला को बेड पर उपचाराधीन देखा जा सकता है।

हालांकि महिला की दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और उसमें सड़क किनारे खड़े किसी ट्रक की प्रत्यक्ष भूमिका थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सनातनी संत रिपोर्टर दुर्घटना के कारण को लेकर कोई स्वतंत्र दावा नहीं करता।

घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में एक बार फिर सड़क किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों को लेकर नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर प्रशासन से समस्या पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

स्थानीय लोगों का सवाल—कार्रवाई के बाद फिर कैसे खड़े हो जाते हैं ट्रक?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। पहले भी पुलिस की ओर से सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और चालान किए जा चुके हैं। ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों को भी यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए समझाइश और नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद कुछ समय बाद फिर से सड़क किनारे भारी वाहन खड़े दिखाई देने लगते हैं।

लोगों का कहना है कि पंचायत समिति से भीमनगर की ओर जाने वाला यह मार्ग व्यस्त रहता है। रीको इंडस्ट्रीज क्षेत्र होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही भी होती है। इसके अलावा दोपहिया वाहन, कार, ई-रिक्शा तथा पैदल राहगीर भी इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े भारी वाहन यातायात के लिए परेशानी पैदा कर सकते हैं।

बाहर से आने वाले ट्रक चालकों के लिए संकेतक लगाने की मांग

स्थानीय लोगों ने समस्या का एक दूसरा पहलू भी उठाया है। उनका कहना है कि रीको इंडस्ट्रीज और ट्रांसपोर्ट व्यवसाय के कारण बाहर से भी बड़ी संख्या में भारी वाहन आते हैं। कई बाहरी चालकों को यह जानकारी नहीं होती कि वाहन कहां खड़ा करना है और कहां पार्किंग प्रतिबंधित है। ऐसे में चालक सुविधा के अनुसार सड़क किनारे ट्रक खड़ा कर देते हैं।

लोगों ने मांग की है कि प्रशासन संबंधित स्थानों पर बड़े और स्पष्ट ‘नो पार्किंग’, ‘यहां भारी वाहन खड़ा करना प्रतिबंधित है’ और निर्धारित ट्रक पार्किंग की दिशा बताने वाले चेतावनी बोर्ड लगाए। इससे बाहर से आने वाले वाहन चालकों को भी नियमों की जानकारी मिल सकेगी।

साथ ही लोगों का कहना है कि यदि भारी वाहनों के लिए कोई निर्धारित पार्किंग स्थल उपलब्ध है तो उसका स्पष्ट संकेतक लगाया जाए और यदि पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है तो प्रशासन, नगर निकाय, रीको तथा अन्य संबंधित विभाग मिलकर इसके लिए स्थायी व्यवस्था पर विचार करें।

जनप्रतिनिधियों से भी सहयोग की अपील

स्थानीय लोगों ने जनप्रतिनिधियों से भी मामले में आगे आने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल हो रहा है। पुलिस चालान कर सकती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, लेकिन पार्किंग और यातायात प्रबंधन के लिए संबंधित विभागों तथा जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी जरूरी है।

लोगों का कहना है कि प्रशासन, पुलिस, रीको, नगर निकाय और ट्रांसपोर्ट संचालकों के बीच समन्वय बनाकर ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित न हों और आम नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।

थाना प्रभारी रामविलास गुर्जर बोले—फिर करेंगे सख्त कार्रवाई

मामले को लेकर बयाना थाना प्रभारी रामविलास गुर्जर ने बताया कि पुलिस की ओर से पहले भी कई बार सड़क किनारे खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा चुकी है और चालान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन कर सड़क किनारे भारी वाहन खड़े किए जा रहे हैं तो पुलिस फिर से सख्त कार्रवाई करेगी।

थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। यातायात व्यवस्था को बाधित करने और आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

चालान के साथ स्थायी समाधान की जरूरत

इस पूरे मामले में स्थानीय लोगों की प्रमुख मांग है कि कार्रवाई केवल कुछ दिनों तक सीमित न रहे। नियमित निगरानी के साथ सड़क किनारे अवैध या अनधिकृत पार्किंग को रोका जाए। ट्रांसपोर्ट संचालकों और वाहन चालकों को निर्धारित स्थान पर ही वाहन खड़े करने के लिए पाबंद किया जाए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट संचालकों, संबंधित विभागों और आम नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी है। सड़क किनारे भारी वाहनों को बेतरतीब तरीके से खड़ा करने से बचना चाहिए और प्रशासन द्वारा निर्धारित यातायात नियमों का पालन किया जाना चाहिए।

अब स्थानीय लोगों की निगाह इस बात पर है कि पुलिस की आगामी कार्रवाई के बाद पंचायत समिति–भीमनगर रोड और रीको इंडस्ट्रीज के सामने सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग की समस्या का स्थायी समाधान हो पाता है या कुछ समय बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

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