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बयाना: गढ़ी बाजना के सिघरावली गांव में रीछ आने से फैली दहशत; सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर वन विभाग

बयाना क्षेत्र के थाना गढ़ी बाजना के अंतर्गत गांव सिघरावली में रीछ आने से मची दहशत।

आबादी क्षेत्र के पास अचानक वन्यजीव दिखने से ग्रामीणों ने खुद को घरों में किया कैद।

पूर्व सरपंच इंद्रभान सिंह की सूचना पर वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची।

वन विभाग ने ग्रामीणों को सुरक्षा के लिहाज से अकेले खेतों में न जाने की दी सलाह।

बयाना/भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले के बयाना उपखंड के ग्रामीण और पहाड़ी अंचलों में इन दिनों वन्यजीवों के आबादी क्षेत्र में आने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामला थाना गढ़ी बाजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सिघावली से सामने आया है, जहाँ मंगलवार को अचानक एक रीछ (भालू) दिखाई देने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। रीछ के मूवमेंट की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल पैदा हो गया

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खेतों के पास देखा गया वन्यजीव, ग्रामीणों ने खुद को घरों में किया कैद

स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दिन के समय गांव सिघरावली की सीमा से सटे खेतों और झाड़ियों के पास अचानक एक विशालकाय रीछ को घूमते हुए देखा गया। रीछ को देखते ही मौके पर काम कर रहे लोग अपनी जान बचाकर गांव की तरफ भागे। देखते ही देखते पूरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई।

भीषण गर्मी और ऊपर से रीछ के हमले के डर से ग्रामीणों ने पूरी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। गांव के लोगों ने सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए हैं और बेवजह घरों से बाहर निकलना बिल्कुल कम कर दिया है। विशेषकर बच्चों और मवेशियों (पशुओं) की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित नजर आ रहे हैं।

पूर्व सरपंच ने दी वन विभाग को सूचना, मौके पर पहुँची टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव के भूतपूर्व सरपंच इंद्रभान सिंह ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और वन विभाग के उच्चाधिकारियों को इलाके में रीछ की मौजूदगी की पुख्ता सूचना दी। वन्यजीव के आबादी क्षेत्र में आने की खबर मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम तुरंत हरकत में आई और साजो-सामान के साथ सिघरावली गांव के लिए रवाना हुई।

सूूचना पाकर वन कर्मियों की टीम तुरंत मौके पर पहुँची और ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए रीछ की लोकेशन ट्रेस करने का काम शुरू किया। वन विभाग की टीम ने संभावित रास्तों और झाड़ियों में रीछ को पकड़ने (रेस्क्यू करने) के प्रयास तेज कर दिए हैं। हालाँकि, समाचार लिखे जाने तक रीछ वन विभाग की पकड़ में नहीं आ सका था और टीम लगातार उसकी मॉनिटरिंग में जुटी हुई है।

वन विभाग की ग्रामीणों को सलाह: अकेले खेतों में जाने से बचें

गढ़ी बाजना और बयाना का यह इलाका पहाड़ियों और जंगलों से सटा होने के कारण यहाँ अक्सर वन्यजीव पानी और भोजन की तलाश में नीचे आबादी की ओर रुख कर लेते हैं। वन विभाग की टीम ने सिघावली और उसके आसपास के गांवों के लोगों के लिए सुरक्षा गाइडलाइन जारी करते हुए अपील की है कि:

कोई भी ग्रामीण रात के समय या अलसुबह अकेले खेतों की तरफ न जाए।

यदि खेतों में जाना बेहद जरूरी हो, तो लाठी-डंडे साथ रखें और 4-5 लोगों के समूह में ही बाहर निकलें।

रीछ दिखने पर उसके नजदीक फिलहाल, वन विभाग की टीम सिघावली गांव और आसपास के जंगली इलाके में डेरा डाले हुए है ताकि वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर वापस उसके प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ा जा सके और ग्रामीणों को इस डर से निजात मिल सके।जाने या उसे उकसाने/पत्थर मारने की गलती बिल्कुल न करें, क्योंकि रीछ हमलावर हो सकता है।

खबर: सनातनी संत रिपोर्टर सूत्र रिपोर्ट

जयप्रकाश शर्मा, घड़ी बजना

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