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बयाना में ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों का एक दिवसीय बंद, प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन

ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी कंपनियों की मनमानी के विरोध में बुधवार को बयाना कस्बे की करीब 50 दवा दुकानें बंद रहीं। बयाना केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर एक दिवसीय सांकेतिक बंद के तहत केमिस्टों ने प्रदर्शन किया और एसडीएम दीपक मित्तल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। इसके साथ ही, बिना वैध ई-प्रिस्क्रिप्शन के दवाओं की होम डिलीवरी बंद करने तथा ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट और प्रिडेटरी प्राइसिंग पर कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की गई।

केमिस्टों ने ज्ञापन में बताया कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट में ऑनलाइन दवा बिक्री का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसके बावजूद, विभिन्न ई-फार्मेसी कंपनियां लंबे समय से दवाओं की बिक्री कर रही हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना चिकित्सकीय परामर्श दवा वितरण और अनियंत्रित होम डिलीवरी जैसी गतिविधियां कानून और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बन चुकी हैं।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि कोविड काल के दौरान दवा विक्रेताओं ने निर्बाध दवा आपूर्ति सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, अब छोटे केमिस्टों का अस्तित्व संकट में पड़ता जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ एक प्रभावी नीति लागू करने का आग्रह किया।

इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष रमन धाकड़, महासचिव ओमप्रकाश गुप्ता, उपाध्यक्ष नवीन तिवारी, जितेंद्र तिवारी, सुशील तरसूमा, हरीश सिंघल, रामू अग्रवाल, रामकिशोर शर्मा, भरत धाकड़, होरीलाल भारद्वाज, धीरज बंसल, मोहित गुप्ता, धर्मचंद, राहुल कंसाना, बलराम सैनी, मुरारी गुप्ता, सुरेंद्र शर्मा, विमल गुप्ता और तरुण जैन सहित बड़ी संख्या में दवा विक्रेता मौजूद रहे।

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