छतरपुर (मध्य प्रदेश)।( सनातनी संत रिपोर्टर) बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देशभर के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स, डिजिटल क्रिएटर्स और सनातन समर्थक साइबर योद्धाओं से संवाद करते हुए सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का आह्वान किया। बागेश्वर धाम में आयोजित विशेष संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया समाज को प्रभावित करने का सबसे शक्तिशाली माध्यम बन चुका है। ऐसे में इस मंच का उपयोग सकारात्मकता, धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए किया जाना चाहिए, न कि सनसनी फैलाने या व्यू, लाइक और शेयर बटोरने के लिए।
कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, डिजिटल पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स ने भाग लिया। इस दौरान बागेश्वर महाराज ने कहा कि कुछ लोग सुनियोजित षड्यंत्र के तहत सनातन धर्म, उसकी परंपराओं, मान्यताओं और धार्मिक प्रतीकों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे लोगों का उद्देश्य समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलाना है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों का सामना केवल सकारात्मक और तथ्यात्मक जानकारी के माध्यम से ही किया जा सकता है।
महाराज श्री ने कहा कि आज सोशल मीडिया पर किसी भी विषय को लेकर कुछ ही मिनटों में लाखों लोगों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसलिए कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी भी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि कई बार अधूरी जानकारी, भ्रामक तथ्यों और सनसनीखेज शीर्षकों के माध्यम से धार्मिक विषयों को प्रस्तुत किया जाता है, जिससे समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। ऐसे प्रयासों से बचना चाहिए और हर जानकारी को सत्यापित करने के बाद ही साझा करना चाहिए।
उन्होंने उपस्थित सोशल मीडिया प्रतिनिधियों से कहा कि केवल व्यू, लाइक और शेयर बढ़ाने के लिए सनातन धर्म को विवादों में घसीटना उचित नहीं है। हमारी एक छोटी सी गलती लाखों लोगों को भ्रमित कर सकती है और समाज में नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। इसलिए सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए।
बागेश्वर महाराज ने कहा कि सनातन धर्म केवल एक धार्मिक व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है, जिसने हजारों वर्षों से मानवता को मार्गदर्शन दिया है। इसके मूल में सेवा, करुणा, सहिष्णुता, सद्भाव और मानव कल्याण की भावना निहित है। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सोशल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संवाद के दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स सनातन धर्म की शिक्षाओं, आध्यात्मिक मूल्यों, धार्मिक ग्रंथों, सांस्कृतिक विरासत और प्रेरणादायक प्रसंगों से संबंधित सामग्री को अधिक से अधिक साझा करें। उन्होंने कहा कि देश में ऐसे अनेक संत, महापुरुष, तीर्थ स्थल और धार्मिक परंपराएं हैं जिनका महत्व अत्यधिक है, लेकिन वे अभी भी जनसामान्य की जानकारी से दूर हैं। डिजिटल माध्यमों के जरिए ऐसे विषयों को सामने लाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति केवल मंदिरों और धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय जीवन शैली, परिवार व्यवस्था, सामाजिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति सम्मान की भावना से भी जुड़ी हुई है। यदि इन विषयों पर सकारात्मक और तथ्याधारित सामग्री तैयार की जाए तो समाज में जागरूकता बढ़ेगी और युवाओं को अपनी संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर महाराज ने विशेष रूप से युवतियों और बेटियों को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया के माध्यम से अनेक प्रकार की चुनौतियां सामने आ रही हैं। कई लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर या छद्म नामों का उपयोग कर युवाओं से संपर्क स्थापित करने का प्रयास करते हैं। ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने बेटियों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के संदेश का उत्तर देने से पहले पूरी सतर्कता बरतें। सोशल मीडिया पर बनने वाली मित्रताओं और संबंधों को लेकर सजग रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अपने परिवारजनों को अवश्य दें। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और जागरूकता ही डिजिटल युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
महाराज श्री ने कहा कि समाज की बेटियां केवल अपने परिवार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी हैं। इसलिए सभी लोगों को उनकी सुरक्षा और सम्मान के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने उपस्थित युवतियों से आग्रह किया कि वे स्वयं भी जागरूक रहें और अन्य बेटियों को भी साइबर अपराधों तथा सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें
संवाद कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी अपने विचार रखे और डिजिटल मंचों के माध्यम से सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण का एक सशक्त उपकरण भी है।
अंत में बागेश्वर महाराज ने सभी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और सनातन समर्थकों से आह्वान किया कि वे सकारात्मकता, सत्य और संस्कृति के संरक्षण को अपना लक्ष्य बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल मंचों का उपयोग सही दिशा में किया जाए तो यह समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकता है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या समाज को विभाजित करने वाली सामग्री से दूर रहें।
कार्यक्रम का समापन सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक डिजिटल अभियान चलाने के संकल्प के साथ हुआ।

