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संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आत्मरक्षा के लिए शस्त्र रखने हेतु स्क्रीनिंग कमेटी में कर सकेंगे आवेदन

भरतपुर, 6 अक्टूबर। पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी कमर चौधरी ने शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिले में निवासरत शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों को अपने शस्त्र एवं एम्युनिशन संबंधित पुलिस थाने अथवा अधिकृत आर्म्स डीलर के पास नियमानुसार जमा कराना होगा। जमा किए गए शस्त्र सुरक्षित अभिरक्षा में रखे जाएंगे और निर्वाचन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद नियमानुसार संबंधित लाइसेंसधारकों को वापस किए जाएंगे।

शस्त्र लाइसेंसधारकों की होगी स्क्रीनिंग

निर्वाचन प्रक्रिया को भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों की स्क्रीनिंग भी की जाएगी।

संबंधित थानाधिकारी अपने थाना क्षेत्रों में रहने वाले शस्त्र लाइसेंसधारकों का सत्यापन करेंगे। पुलिस विशेष रूप से ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करेगी, जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि रही हो, जो जेल से जमानत पर रिहा हुए हों अथवा पूर्व चुनावों में हिंसा, दंगा-फसाद या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों में शामिल रहे हों।

ऐसे लाइसेंसधारक भी स्क्रीनिंग के दायरे में रहेंगे जिनके विरुद्ध कमजोर वर्ग या आमजन को डराने-धमकाने की शिकायतें रही हों अथवा जिनसे चुनाव के दौरान मतदाताओं को भयग्रस्त कर मतदान प्रक्रिया प्रभावित करने की आशंका हो।

इसके अलावा जिन शस्त्र लाइसेंसधारकों के खिलाफ आपराधिक मामलों में एफआईआर दर्ज है और मामला जांच या विचाराधीन है, जिनकी किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि हुई है अथवा जिन्हें शांति भंग के मामलों में पाबंद किया गया है, उन्हें भी चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष नजर

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों के अधीन क्षेत्रों में रहने वाले शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी।

इनमें ऐसे मतदान केंद्र और क्षेत्र शामिल होंगे, जहां पूर्व चुनावों में हिंसक घटनाएं, जातीय तनाव, चुनाव संबंधी अपराध अथवा अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियां सामने आई हों।

उप जिला मजिस्ट्रेट, उप पुलिस अधीक्षक, सेक्टर अधिकारी, तहसीलदार अथवा थानाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी लाइसेंसधारक से निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने अथवा मतदाताओं को भयग्रस्त किए जाने की आशंका पाई जाती है, तो उसके शस्त्र जमा कराने की कार्रवाई की जाएगी।

इन श्रेणियों को मिल सकती है छूट

कुछ विशेष श्रेणियों के शस्त्र लाइसेंसधारकों को हथियार जमा कराने से छूट दी गई है।

इनमें बैंक एवं संस्थागत सुरक्षा में तैनात अधिकृत शस्त्रधारी, पंजीकृत कंपनियों और बैंकों के ऐसे लाइसेंसधारक जिन्हें संस्थागत सुरक्षा के लिए शस्त्र रखने की अनुमति है, धार्मिक परंपरा के अनुसार शस्त्र रखने की पात्रता वाले व्यक्ति तथा सीमा सुरक्षा बल, अर्द्धसैनिक बल, सशस्त्र पुलिस, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और केंद्र व राज्य सरकार के अधिकृत कार्मिक शामिल हैं।

राइफल एसोसिएशन अथवा शूटिंग स्पोर्ट्स में भाग लेने वाले लाइसेंसधारक और जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा विशेष रूप से छूट दिए गए व्यक्तियों को भी नियमानुसार छूट दी जा सकेगी।

ऐसे शस्त्र लाइसेंसधारक जो लंबे समय से राजस्थान से बाहर रह रहे हैं और चुनाव के दौरान राजस्थान आने की संभावना नहीं है, वे भी निर्धारित प्रावधानों के अनुसार छूट की श्रेणी में आ सकते हैं।

आत्मरक्षा के लिए शस्त्र रखना हो तो कर सकेंगे आवेदन

यदि कोई शस्त्र अनुज्ञापत्र धारक आत्मरक्षा अथवा किसी अन्य उचित कारण से हथियार अपने पास रखना चाहता है तो वह स्पष्ट कारणों के साथ जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

संबंधित थानाधिकारी आवेदन को रिकॉर्ड में दर्ज कर जिला पुलिस अधीक्षक, भरतपुर के माध्यम से जिला स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी को भेजेंगे।

स्क्रीनिंग कमेटी आवेदन के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार कर नियमानुसार निर्णय करेगी। इस संबंध में स्क्रीनिंग कमेटी का निर्णय अंतिम होगा।

आदेश की अवहेलना पर कानूनी कार्रवाई

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आदेश का पालन नहीं करने वाले शस्त्र धारकों और शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट, 1959 के लागू प्रावधानों तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निर्वाचन अवधि में प्रशासनिक और चुनाव संबंधी व्यस्तताओं के कारण प्रत्येक लाइसेंसधारक को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई का अवसर देना या आदेश की व्यक्तिगत तामील कराना संभव नहीं होने के चलते आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है।

प्रशासन ने शस्त्र अनुज्ञापत्र धारकों से निर्वाचन संबंधी निर्देशों की समय पर पालना करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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