बयाना। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयाना दौरे के बीच बाडी–पहाड़ी स्टेट हाईवे की ये तस्वीरें स्वच्छता व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। बयाना कॉलेज और मचैला के बीच सड़क तथा उसके किनारे मृत पशु पड़े दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, शव कई दिनों से पड़े होने के कारण आसपास दुर्गंध और सड़न का वातावरण बना हुआ है।

मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर से बयाना पहुंचने की संभावना बताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि मुख्यमंत्री अपने ननिहाल कनावर गांव जा सकते हैं। कनावर जाने वाला संभावित सड़क मार्ग इसी क्षेत्र से होकर गुजरता है। हालांकि मुख्यमंत्री के कनावर जाने तथा उनके निर्धारित सड़क मार्ग की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
ऐसे में सवाल है कि यदि मुख्यमंत्री का काफिला इस मार्ग से गुजरता है, तो क्या प्रशासन इन मृत पशुओं को केवल दौरे से पहले हटाएगा या नागरिकों की शिकायत और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्थायी व्यवस्था भी करेगा? मुख्यमंत्री इस रास्ते से गुजरें या नहीं, सार्वजनिक मार्ग से मृत पशुओं को शीघ्र हटाना संबंधित विभाग और स्थानीय निकाय की जिम्मेदारी है।
तस्वीरों में एक मृत पशु सड़क के बीच पड़ा दिखाई दे रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। दूसरा शव सड़क किनारे सड़ता नजर आ रहा है। इसी मार्ग से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, वाहन चालकों और जिम्मेदार अधिकारियों का आवागमन होता है। इसके बावजूद समय पर निस्तारण नहीं होना व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 280 में मृत पशुओं के शवों के निस्तारण से संबंधित व्यवस्था का उल्लेख है। नगर निकाय क्षेत्र में मृत पशु की सूचना मिलने पर संबंधित निकाय को उसे हटाकर निर्धारित स्थान पर निस्तारित करने की जिम्मेदारी निभानी होती है। यदि घटनास्थल नगरपालिका सीमा से बाहर है, तो ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, सड़क निर्माण एजेंसी और जिला प्रशासन को आपसी समन्वय से कार्रवाई करनी चाहिए। घटनास्थल किस निकाय के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित प्रशासन से अपेक्षित है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि मृत पशुओं को तुरंत हटाया जाए, नियमानुसार सुरक्षित निस्तारण किया जाए, प्रभावित स्थान पर सफाई एवं संक्रमणरोधी छिड़काव कराया जाए और सड़क पर आवश्यक चेतावनी संकेत लगाए जाएं। साथ ही यह भी जांच हो कि शिकायत अथवा जानकारी मिलने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
सवाल मुख्यमंत्री के गुजरने का नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा और स्वच्छता का है। स्वच्छ भारत का नारा तभी सार्थक होगा, जब ऐसी समस्याओं का समाधान किसी वीआईपी दौरे की प्रतीक्षा किए बिना किया जाए।
प्रशासन ने कहा—जांच कर तुरंत कराया जाएगा निस्तारण
मामले को लेकर बयाना एसडीएम अलका श्रीवास्तव से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया, “यह मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं था। मैं इसकी जांच करवाती हूं। यदि संबंधित स्थान पर मृत पशु पड़े हुए हैं तो उन्हें तत्काल हटवाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विधिवत निस्तारण कराया जाएगा तथा आवश्यक सफाई भी करवाई जाएगी।”
स्पष्टीकरण: मुख्यमंत्री के कनावर जाने और इस मार्ग से गुजरने की आधिकारिक पुष्टि समाचार लिखे जाने तक उपलब्ध नहीं है।

