फोटो शीतल दास जी महाराज

राजस्थान के भरतपुर जिले में बंद बरेठा की पहाड़ियों में स्थित गांव है पाली डांग। इस पाली डांग की पहाड़ियों में स्थित है शीतल दास जी महाराज का आश्रम। शीतल दास जी महाराज इस क्षेत्र में लगभग 50 वर्षों से तपस्या कर रह हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में तीन आश्रमों का निर्माण किया है। उनका सबसे पहला आश्रम गजनवा की पहाड़ियों में था।

दूसरा आश्रम उन्होंने तरसुमा की पहाड़ियों मे बनाया।

अभी वर्तमान में तीसरा आश्रम पाली डांग में बनाया है महाराज जी ज्यादातर वहीं रहते हैं।

शीतल दास जी महाराज रामानंदी संप्रदाय से संबंध रखते हैं। उन्होंने निर्मोही अखाड़ा चित्रकूट से दीक्षा प्राप्त की है।

शीतल दास महाराज प्रकृति प्रेमी संत है। वह बेजुबान पशु पक्षियों से भी प्रेम करते हैं एवं उनकी सहायता करते हैं।

बयाना रूपवास के लोग शीतल दास महाराज में गहरी आस्था रखते हैं।

महाराज श्री ने अपने जीवन काल में कई बार श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा अपने आश्रम में कराई है।

वह गुरु पूर्णिमा पर प्रतिवर्ष श्री विष्णु महायज्ञ का आयोजन करते हैं एवं भंडारा होता है।

शीतल दास महाराज एकांत को पसंद करते हैं। उनके आश्रम में ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं होती न ही वह ज्यादा भीड़ पसंद करते हैं। और उनका सिद्धांत है वह हर किसी को दीक्षा नहीं देते हैं। वह उस व्यक्ति को शिष्य बनाते हैं जो उनकी परीक्षा पर खरा उतरता है। यह हमारे सनातनी संत रिपोर्टर की आंखों देखी है।

वह हर किसी से दान दक्षिणा प्राप्त नहीं करते हैं। वह साधु संतों को अपनी तरफ से दान दक्षिणा देते भी हैं। जब कभी वह आश्रम में कथा या भंडारा कराते हैं तो उनके आश्रम में आने वाले संत महाराज जी से दान दक्षिणा प्राप्त करते हैं।

शीतल दास जी महाराज के बारे में आप ज्यादा जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक से यूट्यूब पर वीडियो देख सकते हैं।

जय हिंद वंदे मातरम जय श्रीराम 🙏🏻

लेख पसंद आया हो तो कमेंट में जय श्रीराम अवश्य लिखें। धन्यवाद

By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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