बयाना (भरतपुर)। भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुए एक सनसनीखेज अपहरण कांड ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। बाइक की सर्विस कराने आए एक युवक को कुछ बदमाशों ने कट्टे की नोक पर अगवा कर लिया और उसे जबरन बोलेरो वाहन में डालकर करौली जिले के डांग क्षेत्र में ले गए। इसके बाद बदमाशों ने युवक के परिजनों से 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही बयाना कोतवाली पुलिस सक्रिय हो गई और लगातार दबिश व पीछा करने की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस का दबाव बढ़ता देख आरोपी अपहृत युवक को जंगल क्षेत्र में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने करीब 12 घंटे के भीतर युवक को सकुशल बरामद कर लिया।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी हुई है।
बाइक सर्विस कराने आया था युवक
जानकारी के अनुसार अपहृत युवक लोकेश गुर्जर करौली जिले के थाना डांग क्षेत्र का निवासी है। लोकेश शुक्रवार सुबह अपनी मोटरसाइकिल की सर्विस कराने के लिए बयाना कस्बे में आया था। बताया जाता है कि वह भीमनगर क्षेत्र के पास पहुंचा ही था कि पहले से घात लगाए बैठे कुछ बदमाशों ने उसे रोक लिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार आरोपियों ने युवक को हथियार दिखाकर डराया-धमकाया और विरोध करने का मौका दिए बिना उसे जबरन बोलेरो वाहन में बैठा लिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से आसपास मौजूद लोगों में भी भय का माहौल बन गया। आरोपी युवक को लेकर तेजी से मौके से फरार हो गए।
करौली के डांग क्षेत्र में ले गए बदमाश
अपहरण के बाद बदमाश युवक को करौली जिले के डांग क्षेत्र की ओर ले गए। डांग क्षेत्र घने जंगलों और दुर्गम रास्तों के लिए जाना जाता है, जिससे अपराधियों को छिपने और पुलिस से बचने में आसानी होती है। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने युवक को कई घंटों तक अपने कब्जे में रखा और लगातार स्थान बदलते रहे।
इसी दौरान बदमाशों ने युवक के परिजनों से संपर्क साधा। उन्होंने मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉल के जरिए बातचीत करते हुए युवक की रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। आरोपियों ने परिजनों पर रकम देने का दबाव बनाया और धमकी भी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो युवक को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।
परिजनों ने दिखाई समझदारी
फिरौती की मांग मिलने के बाद परिजनों के सामने कठिन परिस्थिति खड़ी हो गई। हालांकि उन्होंने घबराने के बजाय समझदारी का परिचय दिया और सीधे पुलिस से संपर्क किया। परिजनों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को घटना की सूचना दी तथा बदमाशों द्वारा किए गए संपर्क और फिरौती मांगने की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि परिजन फिरौती की रकम देने की तैयारी में लग जाते तो मामला और जटिल हो सकता था, लेकिन समय रहते सूचना मिलने से पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने का अवसर मिल गया।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस
बयाना कोतवाली थाना पुलिस को शुक्रवार सुबह कंट्रोल रूम के माध्यम से अपहरण की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रामगिलास गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया। विभिन्न संभावित मार्गों पर नाकाबंदी की गई और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
पुलिस ने तकनीकी सहायता भी ली और बदमाशों की गतिविधियों पर नजर रखने का प्रयास किया। साथ ही करौली जिले की पुलिस से भी संपर्क स्थापित किया गया ताकि डांग क्षेत्र में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपहरणकर्ताओं की तलाश में लगातार दबिश दी गई और कई संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी भी की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने जंगल क्षेत्र में भी सर्च ऑपरेशन चलाया।
पुलिस दबाव में छोड़ा युवक
लगातार बढ़ते पुलिस दबाव और तलाशी अभियान के कारण आरोपियों को यह आभास हो गया कि पुलिस उनके काफी करीब पहुंच चुकी है। ऐसे में बदमाशों ने अपने बचाव के लिए अपहृत युवक को छोड़कर फरार होने का फैसला किया।
जानकारी के अनुसार मध्यरात्रि के आसपास आरोपियों ने युवक को करौली जिले के जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया और मौके से भाग निकले। युवक ने किसी तरह पुलिस तक सूचना पहुंचाई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।
करीब 12 घंटे तक अपहरणकर्ताओं के कब्जे में रहने के बावजूद युवक सुरक्षित मिला, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। युवक को पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
युवक ने बताई आपबीती
पुलिस सूत्रों के अनुसार युवक ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि बदमाश लगातार उससे और उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे थे। वे बार-बार फिरौती की रकम दिलाने का दबाव बना रहे थे। हालांकि पुलिस की सक्रियता और लगातार चल रही तलाश के कारण आरोपी घबराए हुए नजर आ रहे थे।
युवक ने पुलिस को बदमाशों के हुलिए और वाहन के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
मामला दर्ज, आरोपियों की तलाश जारी
बयाना कोतवाली थाना प्रभारी रामगिलास गुर्जर ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर अपहरण, फिरौती मांगने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
दिनदहाड़े हुए इस अपहरण कांड ने बयाना और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को चौंका दिया है। आम लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान से किसी व्यक्ति का हथियार के बल पर अपहरण होना गंभीर चिंता का विषय है। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और युवक की सुरक्षित बरामदगी की भी लोगों ने सराहना की है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय नहीं होती तो मामला और गंभीर रूप ले सकता था। ऐसे में पुलिस की तत्परता ने एक बड़ी घटना को टालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस के सामने चुनौती
हालांकि युवक की सुरक्षित बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, लेकिन घटना को अंजाम देने वाले आरोपी अभी भी फरार हैं। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करना है।
जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों को पहले से युवक और उसके परिवार के बारे में जानकारी थी या फिर यह अपहरण फिरौती के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से किया गया था। इसके अलावा बोलेरो वाहन की पहचान और उसके मालिक तक पहुंचने का प्रयास भी किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू पर जांच कर रही है। वहीं युवक के सकुशल घर लौटने से उसके परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, लेकिन आरोपियों की गिरफ्तारी तक यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहेगा।
