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भरतपुर के वैर क्षेत्र में ‘टाइगर’ जैसी बड़ी बिल्ली की दहशत! उमरेड गांव में कैमरे में कैद हुआ संदिग्ध जंगली जानवर

राजस्थान के भरतपुर जिले की वैर तहसील के उमरेड गांव में पिछले करीब 10 दिनों से एक रहस्यमयी जंगली जानवर की मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। गांव और आसपास के खेतों में लगातार महसूस हो रही हलचल के बीच शुक्रवार रात इस जानवर की तस्वीर मोबाइल कैमरे में कैद होने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई।

ग्रामीणों के अनुसार गांव के बाहर गुड्डू पंडित एवं भरत लाल पंडित के बाड़े के पास रात के समय यह जंगली जानवर दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि भरत लाल के बेटे रिंकू ने टॉर्च की रोशनी डालकर इस जानवर की तस्वीर अपने मोबाइल में कैद की। तस्वीर सामने आने के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

उमरेड गांव में दिखा टाइगर

ग्रामीण बोले – यह पैंथर नहीं, चीता या टाइगर जैसा जानवर

ग्रामीणों का दावा है कि यह साधारण तेंदुआ या पैंथर नहीं बल्कि “चीता” या “टाइगर” जैसा बड़ा जंगली जानवर है। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि तस्वीरों में दिखाई दे रही धारियों के कारण यह सामान्य पैंथर से अलग प्रतीत हो रहा है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वन विभाग अधिकारियों के अनुसार:

“प्राप्त तस्वीरों में जानवर की बनावट सामान्य पैंथर से अलग लग रही है। शरीर पर धारियां दिखाई दे रही हैं। संभावना है कि यह बड़ी बिल्ली प्रजाति का वन्यजीव हो सकता है। स्पष्ट पुष्टि पकड़ने या नजदीकी निरीक्षण के बाद ही हो सकेगी।”

सांड पर हमला, कुत्ते की मौत से बढ़ा डर

ग्रामीणों के अनुसार इस जंगली जानवर ने गुरुवार रात एक सांड पर हमला कर दिया, जो फिलहाल घायल अवस्था में बताया जा रहा है। वहीं तीन दिन पहले हकीम पुत्र रूप सिंह के घर के बाहर से एक कुत्ते को उठा ले जाने की घटना भी सामने आई।

परिवार के लोगों के शोर मचाने पर जानवर कुत्ते को छोड़कर भाग गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल कुत्ते की बाद में मौत हो गई। इसके बाद से गांव में भय का माहौल और बढ़ गया है।

11 भेड़ों की मौत पर भी उठे सवाल

कुछ दिन पहले क्षेत्र में 11 भेड़ों की रहस्यमयी मौत हुई थी। अब ग्रामीण आशंका जता रहे हैं कि कहीं यह हमला भी उसी जंगली जानवर द्वारा तो नहीं किया गया था। हालांकि वन विभाग इस मामले की भी जांच कर रहा है।

वन विभाग ने लगाया पिंजरा, कई टीमें मौके पर

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग सक्रिय हो गया। गांव के आसपास पिंजरा लगाया गया है और निगरानी बढ़ा दी गई है। भरतपुर, वैर और बयाना क्षेत्र से वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच रही हैं।

वन अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। कैमरा ट्रैप लगाने और ड्रोन निगरानी की भी तैयारी चल रही है ताकि जानवर की सही पहचान हो सके।

राजस्थान के किस टाइगर रिजर्व से भटककर आ सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह वास्तव में टाइगर या बड़ी बिल्ली प्रजाति का वन्यजीव है तो संभावना है कि यह राजस्थान के किसी टाइगर रिजर्व क्षेत्र से भटककर आया हो।

  • रणथंभौर टाइगर रिजर्व – यहां बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। युवा बाघ कई बार नया क्षेत्र तलाशते हुए दूर तक निकल जाते हैं।
  • सरिस्का टाइगर रिजर्व – अलवर क्षेत्र का यह रिजर्व भी बड़े वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है।
  • रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व – यहां हाल के वर्षों में वन्यजीव गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं।
  • मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व – कोटा क्षेत्र का यह रिजर्व भी बड़े शिकारी वन्यजीवों का प्रमुख क्षेत्र माना जाता है।

भारत में बाघ और चीता परियोजना

भारत दुनिया में सबसे अधिक बाघों वाला देश माना जाता है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार देश में बाघों की संख्या 3 हजार से अधिक पहुंच चुकी है।

वहीं भारत में “प्रोजेक्ट चीता” के तहत अफ्रीकी चीतों को मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में बसाया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि राजस्थान के इस क्षेत्र में दिखाई देने वाला जानवर संभवतः तेंदुआ, युवा टाइगर या बड़ी बिल्ली प्रजाति का कोई अन्य वन्यजीव हो सकता है।

रात में खेतों पर जाना बंद, ग्रामीणों में डर

उमरेड गांव और आसपास के क्षेत्रों में लोग अब रात में खेतों पर जाने से बच रहे हैं। पशुपालकों में सबसे ज्यादा भय है। कई परिवारों ने बच्चों को अकेले बाहर भेजना बंद कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह जानवर बेहद तेज और खतरनाक हो सकता है तथा अचानक हमला कर सकता है। गांव में देर रात तक लोग समूह बनाकर निगरानी कर रहे हैं।

जंगली जानवर दिखे तो क्या करें?

  • रात में अकेले खेत या सुनसान इलाके में न जाएं।
  • बच्चों और पशुओं को खुले में अकेला न छोड़ें।
  • टॉर्च लेकर और समूह में बाहर निकलें।
  • जानवर को देखकर उसके पास जाने की कोशिश न करें।
  • वीडियो बनाने या भीड़ लगाने से बचें।
  • तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।
  • गांव में रात्रि निगरानी दल सक्रिय रखें।

पूरे क्षेत्र में दहशत और उत्सुकता

फिलहाल उमरेड गांव सहित आसपास के कई गांवों में भय और उत्सुकता दोनों का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों की नजर अब वन विभाग की कार्रवाई और इस रहस्यमयी जंगली जानवर की पहचान पर टिकी हुई है।

यदि यह वास्तव में टाइगर या बड़ी बिल्ली प्रजाति का वन्यजीव निकला तो वन विभाग इसे सुरक्षित पकड़कर जंगल क्षेत्र में छोड़ सकता है। वहीं अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।

खबर: सनातनी संत रिपोर्टर सूत्र रिपोर्ट- देवीलाल पुत्र रूपसिंह निवासी उमरेड गांव

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By Sanatani Sant Reporter

I am an exserviceman presently sadhak Bageshwar Balaji. Presently Working as a religious and social news reporter .

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