
राजस्थान के भरतपुर जिले की रुपवास तहसील का गांव है कंजौली जहां पर प्रति वर्ष लोग बाढ़ के कहर को झेलते हैं।
वर्तमान में आप इस गांव की दुर्दशा को देखोगे तो आपकी आंखें झलक आएगी। कुदरत की मार को झेलता हुआ यह गांव शासन व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
अब प्रश्न उठता है कि इस गांव में प्रतिवर्ष बाढ़ क्यों आती है ?
तो इसका उत्तर साफ है सरकार और प्रशासन की लापरवाही साथ ही PWD विभाग की लापरवाही का अंजाम इसका कारण समझने के लिए आप पोस्ट को पढ़ते रहें
बंद बरेठा बांध से निकलने वाली कुकुंद नदी जिसकी काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है इस कारण यह नदी उफान पर आ जाती है और उसका पानी गंभीर नदी में पहुंचने के बजाए बजाए इस गांव में पहुंच जाता है। जब कुकुंद नदी इस गांव के पास पहुंचती है तो वहां नदी की गहराई बिल्कुल न के बराबर है जिससे पानी नदी के बजाय गांव के क्षेत्र में प्रवेश करता है।
इस पानी से गांव में बाढ़ आती है और इस क्षेत्र की फसलें खराब हो जाती ।
और यदि गंभीर नदी में बाढ़ आ जाए तो तो फिर इस गांव की बदहाली को देखा नहीं जा सकता। क्योंकि यह गांव गंभीर नदी के तट पर ही स्थित है।
हमारे सनातनी संत रिपोर्टर की आंखों देखी आप वीडियो के माध्यम से देख सकते हैं।
इस समस्या का समाधान
इस गांव की समस्या का एक समाधान है जो हम आपको बता रहे हैं यदि सरकार ऐसा करती है तो इस समस्या का हल निकाला जा सकता है
यदि आप इस पोस्ट को कृपया शेयर करके सरकार तक पहुंचा दे तो शायद उनके जनप्रतिनिधि और अधिकारी पढ़ लें तो उनके दिमाग में यह विचार आ जाए।
सरकार को को कुकंद नदी की गहराई के लिए खुदाई करनी चाहिए और इसकी सफाई करनी चाहिए। जिस क्षमता से बांध से पानी छोड़ा जाता है उसी हिसाब से इसकी खुदाई करनी चहिए। प्रतिवर्ष सफाई करनी चहिए तो इस गांव को राहत मिल सकती है। साथियों वेबसाइट को सब्सक्राइब कर लें और इस पोस्ट को शेयर कर दें कंजौली गांव के निवासियों लिए। जय हिंद वंदे मातरम जय श्री राम 🙏🏻
