
बयाना पंचायत समिति के ग्राम पचायत दहगांव में पानी की बड़ी किल्लत है। ग्राम वासी बूंद बूंद पानी के लिए भटकते रहते हैं।
गांव में पानी की टंकी का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। गांव वाले इस समस्या को लेकर जलदाय विभाग को सूचित कर चुके हैं मगर कोई जनसुनवाई अभी तक नहीं हुई है। गांव के सरपंच का कहना है कि मेरी तो चप्पल फट गई पीडब्ल्यूडी के चक्कर लगाते लगाते। गांव वालों ने भी कई बार पानी की टंकी पर धरना भी दिया है। उनको बस आश्वासन ही मिलता है लेकिन उनकी समस्या का हल नहीं होता।
इस बार तो हद हो गई लोग पानी की टंकी के ऊपर चढ़ गए।
उनका कहना था कि सरकार आनाकानी कर रही है। अब हम तभी उतरेंगे जब या तो पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी यह हमें लिखित में कुछ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम इस टंकी कोई फोड़ देंगे इसने व्यर्थ में जगह को घेर रखा है। सरपंच के काफी मनाने के बाद वह लोग माने और पानी की टंकी से आखिरकार नीचे उतर गए।
इस विषय में हमारे सनातनी संत रिपोर्टर ग्राउंड जीरो पर इस समस्या को देखने गए तो हमें पूरी वास्तविकता पता लगी।
वास्तव में पूरा गांव पानी की किल्लत झेल रहा है। गांव में कुए और बावड़िया सूख चुके हैं। एक दो सरकारी हेड पंप है वह भी खराब हालत में मिला।
हमने जब गांव वालों से बात की तो उन्होंने बताया कि हम जैसे तैसे पीने के पानी प्रबंध करते हैं। कुछ लोगों के पास निजी बोरवेल है और जिनके पास नहीं है वह पानी का टैंकर मंगवाते हैं। हमें स्टोरेज किया हुआ पानी पीना पड़ता है। जिससे महामारी फैलने का खतरा भी है।
प्रशासन को इस विषय में जल्द से जल्द कार्यवाही करनी चाहिए और ग्रामीणों की समस्या का हल निकालना चाहिए।
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