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किशोरावस्था में नशे की लत, बच्चों के साथ-साथ देश के भविष्य को भी हो सकते हैं दुष्परिणाम

भारत में नशे का कुछ ज्यादा ही प्रकोप हो रहा है युवा से लेकर बुजुर्ग तो इसके शिकार है ही अब तो हद हो गई कि किशोरावस्था के बच्चे भी जिनकी उम्र पढ़ने की है वह इसके शिकार हो रहे हैं |

यह चिंता का विषय है यदि इस पर अभी लगाम नहीं लगाई गई तो देश का भविष्य भी खतरे में हो सकता है | अपनी मुनाफाखोरी के चक्कर में कुछ दुकानदार किशोरावस्था के बच्चों को सिगरेट गुटका जैसे मादक पदार्थ तो देते ही अब तो वह शराब भी देने लगे हैं |

ऐसा ही एक वीडियो राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना तहसील का है जहां सनातनी संत रिपोर्टर को एक महिला बताती है कि उसका बच्चा कक्षा दसवीं में पढता है और वह शाम को शराब पीकर आया | सनातनी संत रिपोर्टर ने जब जांच पड़ताल की तो तथ्थों में पाया गया कि उसका बच्चा वास्तव में शराब का आदी है उसमें कुछ अन्य भी अवगुण है इस विषय में सबसे पहले जिम्मेदार हैं माता-पिता |

उसके बाद दूसरी जिम्मेदारी उन दुकानदारों की भी है जो अपनी तुच्छ मुनाफाखोरी के चक्कर में मासूम नाबालिक बच्चों को मादक पदार्थ बेचते हैं |

सरकार के बनाए गए नियम और कानून का बखूबी से पालन हो यह जिम्मेदारी प्रशासन की भी है | सनातनी संत रिपोर्टर प्रशासन से अनुरोध करता है कि भविष्य में एसे कोई मां अपने बच्चों के इस अवगुण के कारण ना रोये इसलिए आप नकेल कसो उन दुकानदारों की जो नाबालिक बच्चों को मादक पदार्थ बेचते हैं |

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